US California Los Angeles Wildfire: अमेरिका के कैलिफोर्निया स्टेट के लॉस एंजिल्स शहर के रिहायशी इलाके में पेसिफिक पेलिसेड्स से सटा जंगल बुरी तरह धधक रहा है। मंगलवार सुबह जंगल में भड़की आग में जलकर करीब 10 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। 30000 एकड़ एरिया जलकर राख हो चुका है। 2 लाख लोग बेघर होकर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। 2000 से ज्यादा इमारतें जलकर राख हो चुकी हैं और 60000 से ज्यादा इमारतों पर खतरा मंडरा रहा है।
लॉस एंजिल्स की हॉलीवुड हिल्स और आसमान इस समय काले धुएं के गुबार से भरी हैं। लॉस एंजिल्स के पास सैन गैब्रियल पर्वत की तलहटी में बनी अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा की जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला (JPL) पर भी खतरा मंडरा गया है, इसलिए इसे बंद कर दिया गया है। हॉलीवुड की कई हस्तियां अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट हो चुकी हैं। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कार्यक्रम स्थगित और रद्द कर दिए गए हैं। आग लगने का कारण दक्षिणी कैलिफोर्निया की तेज हवाओं को कारण बताया जा रहा है।
कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया
टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लॉस एंजिल्स के शेरिफ रॉबर्ट लूना ने बताया है कि एलए काउंटी और वेंचुरा काउंटी के अधिकांश हिस्सों में रेड फ्लैग वार्निंग लागू रहेगी। लॉस एंजिल्स काउंटी के पश्चिमी हिस्से में समुद्र तटीय शहर सैंटा मोनिका में आपातकाल की घोषणा कर दी है। कई क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। सूर्यास्त से सूर्योदय तक के लिए कर्फ्यू की घोषणा की गई है, क्योंकि आपातकाल के दौरान कर्फ्यू से फायरफाइटर्स को आग पर काबू पाने के लिए बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलेगी। अमेरिक के कृषि मंत्रालय की वन सेवा की ओर से बयान जारी करके एंजिल्स नेशनल फॉरेस्ट को 15 जनवरी तक जनता के लिए बंद कर दिया गया है।
अमेरिका की संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (FEMA) ने कैलिफोर्निया के आग से तबाह हुए शहरों को फिर से बसाने में मदद करने की बात कही है। एजेंसी (FEMA) ने एक संदेश देकर लोगों से अपील की है कि अगर वे ऐसे इलाके में हैं, जहां से निकलने के आदेश नहीं दिए गए हैं तो अनावश्यक यात्रा करने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से आपातकालीन सेवा में लगे कर्मियों और शिफ्ट हो रहे लोगों के लिए सड़कें खुली रखने में मदद मिलेगी। एजेंसी ने लोगों से मुश्किल वक्त में मदद करने की अपील की है।
52 से 27 बिलियन का नुकसान
लॉस एंजिल्स के जंगल में भड़की आग को अमेरिका के इतिहास की सबसे महंगी प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है, जिसमें अब तक 52 से 57 अरब डॉलर के बीच नुकसान होने का अनुमान है। नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के आंकड़ों के अनुसार, साल 2005 में आया तूफ़ान कैटरीना अमेरिका के इतिहास की सबसे महंगी प्राकृतिक आपदा बनी हुई है, जिससे अनुमानित नुकसान करीब 200 बिलियन डॉलर का रहा। इसकी तुलना में साल 2018 में कैलिफोर्निया के जंगल में लगी आग, जिसमें कैंप फायर भी शामिल है, ने लगभग 30 बिलियन डॉलर का नुकसान किया था। वहीं साल 2025 में लॉस एंजिल्स के जंगल में लगी आग एक और सबसे महंगी प्राकृतिक आपदा साबित हो रही है।
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