अमेरिका ने ईरान के ऑयल नेटवर्क को खत्म करने के लिए कई देशों की 17 कंपनियों, लोगों और जहाजों पर बैन लगाया है। इसमें भारत की शिपिंग फर्म RN Ship Management Private Limited नाम की कंपनी शामिल है। इस कंपनी पर ईरानी कच्चे तेल को ट्रांसपोर्ट करने के लिए सैंक्शन लगाया गया है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने प्रतिबंधित कंपनियों के सभी अमेरिकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं और अमेरिकी नागरिकों के लिए उनके साथ लेनदेन करना अब मना है। अमेरिकी के अनुसार कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के राजस्व स्रोतों को सीमित कर उसके nuclear progg की क्षमता को बाधित करना है।
अमेरिकी ने नए फैसले में ईरान की निजी एयरलाइन महान एयर और उसकी सहायक यज्द इंटरनेशनल एयरवेज कंपनी पर भी बैन लगाया है। वाशिंगटन का आरोप है कि एयरलाइन का IRGC-QF से संपर्क है। यह कंपनी हथियार, कर्मियों तथा सैन्य सामग्री को सीरिया और लेबनान में ईरान समर्थित समूहों तक पहुंचाने में शामिल रही है। अमेरिका ने एयरलाइन के कई वरिष्ठ लॉजिस्टिक्स व प्रोक्योरमेंट अधिकारियों को भी बैन किया है।
मामले पर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कार्रवाई ईरानी शासन की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और आतंकवादी प्रॉक्सी समूहों को फंडिंग पर रोक लगाने के हमारे अभियान को आगे बढ़ाती है। कहा कि ईरान की तेल से होने वाली कमाई को बाधित करना क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।
कंपनियों, जहाजों और व्यक्तियों पर बैन लगाने के बाद संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। साथ ही अमेरिकी नागरिकों तथा कंपनियों को उनके साथ लेनदेन करने से मना कर दिया गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ये कदम दंडात्मक नहीं बल्कि ईरान के व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए हैं। बता दें कि उल्लंघन पर गंभीर सिविल और आपराधिक दंड का प्रावधान है।