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'बर्बर हमला साबित करता है कि पुतिन…', शांति वार्ता से पहले रूसी राष्ट्रपति पर क्यों बरसा यूक्रेन?

आबूधाबी में शांति वार्ता से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन पर भीषण मिसाइल हमला किया है. इससे भड़के यूक्रेनी विदेश मंत्री ने पुतिन को बर्बर बताते हुए उन्हें कोर्ट के कटघरे में खड़ा करने की मांग की है.

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग खत्म करने के लिए आबूधाबी में अमेरिका की मौजूदगी में बातचीत शुरू होने वाली है. लेकिन इस अहम बैठक से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन के दो बड़े शहरों कीव और खारकीव पर खौफनाक मिसाइल हमला कर दिया है. यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबीहा ने इस हमले पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि पुतिन की जगह बातचीत की मेज पर नहीं बल्कि अदालत के कटघरे में होनी चाहिए. इस हमले ने एक बार फिर दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या रूस सच में शांति चाहता है या यह सिर्फ वक्त गुजारने की एक चाल है.

हमले में मची भारी तबाही

शनिवार तड़के हुए इस हमले में रूस ने 375 ड्रोन और 21 मिसाइलों का इस्तेमाल किया जिससे पूरा यूक्रेन दहल उठा. शुरुआती खबरों के मुताबिक इस हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई है और 23 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. रूस ने जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा संसाधनों को निशाना बनाया है जिसकी वजह से राजधानी कीव के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया है. यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार रूस एक बार फिर से देश की कमर तोड़ने की कोशिश कर रहा है ताकि बातचीत के दौरान यूक्रेन कमजोर स्थिति में रहे.

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जेलेंस्की और पुतिन के बीच बढ़ी तल्खी

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की लगातार अमेरिका से मांग कर रहे हैं कि पुतिन के साथ भी वैसा ही सलूक किया जाए जैसा वेनेजुएला के मादुरो के साथ हुआ था. उन्होंने हाल ही में कहा था कि अगर दुनिया के तानाशाहों को सजा मिलती है तो पुतिन अभी तक आजाद क्यों घूम रहे हैं. जेलेंस्की का मानना है कि शांति वार्ता के पहले दिन ही किसी बड़े नतीजे पर पहुंचना मुश्किल है क्योंकि रूस को पहले अपनी नीयत साफ करनी होगी. यूक्रेन का रुख साफ है कि बिना न्याय और सुरक्षा की गारंटी के कोई भी समझौता मुमकिन नहीं होगा.

डोनबास पर अड़ा है रूस

दूसरी तरफ रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने साफ कर दिया है कि वे अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटने वाले हैं. रूस अब भी डोनबास क्षेत्र पर अपना कब्जा चाहता है जिसमें औद्योगिक रूप से मजबूत दोनेत्स्क और लुहांस्क जैसे इलाके शामिल हैं. डोनबास यूक्रेन के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से बहुत जरूरी है इसलिए वह इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं है. आबूधाबी में डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हो रही यह बातचीत कितनी सफल होगी यह आने वाला वक्त ही बताएगा क्योंकि दोनों ही देश झुकने को तैयार नहीं हैं.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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