ब्रिटेन भारत समेत 56 देशों से गुलामी को लेकर माफी मांगने को तैयार है, लेकिन मुआवजा देने से साफ इनकार कर दिया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम कैरेबियन देशों में होने वाले ‘कॉमनवेल्थ लीडर्स समिट’ में शामिल होंगे. इससे पहले उन्होंने ‘द गार्डियन’ में एक आर्टिकल लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे ब्रिटेन में भारत समेत 56 देशों से ट्रांसअटलांटिक स्लेव ट्रेड (गुलामों के व्यापार) के लिए औपचारिक माफी मांगने के लिए तैयार हैं. लेकिन वे पीड़ितों को मुआवजा नहीं देंगे.
क्या बोले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने लेख में लिखा है कि वे उन लोगों के दर्द को महसूस करते हैं, जो उन्होंने झेला. इसके लिए वे दुखी हैं और माफी मांगने के लिए तैयार हैं. जो भी, जितनी भी, जिस भी तरह से लोगों के साथ क्रूरता की गई, उसका दाग आज तक मिटा नहीं है. उस तकलीफ और दर्द के लिए मुआवजा बांटना समाधान नहीं है. ऐसा करना एक अत्याचार के बदले दूसरी तरह का अत्याचार करने जैसा होगा. ब्रिटेन में आज रहने वाले लोग उस क्रूरता और दर्द के लिए जिम्मेदार नहीं हैं.
क्रूरता के लिए माफी मांगना ही समाधान
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स कैरेबियन देशों के दौरे पर हैं और उन्होंने बहामास में गुलामी का जिक्र किया. ब्रिटेन के शासनकाल में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी थी. ब्रिटेन ने आज तक उस रवैये के लिए माफी नहीं मांगी है, लेकिन उस तकलीफ-दर्द और अत्याचार के लिए माफी मांगना ही सबसे अच्छा समाधान होगा. इससे इनकार नहीं करेंगे कि ब्रिटेन ने गुलामों के व्यापार से पैसा कमाया, लेकिन इस व्यापार को बंद करने में अहम भूमिका निभाते हुए इसे 1833 में गैर-कानूनी घोषित कराया.
जल्द भारत दौरे पर आ सकते एंडी बर्नहम
सूत्रों के अनुसार, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम भारत का दौरा करना चाहते हैं और इसके लिए वे जल्दी भी कार्यक्रम बना सकते हैं. भारत में कार्यवाहक ब्रिटिश उच्चायुक्त बेन मेलर ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी थी और बताया था कि पदभार संभालने के बाद बर्नहैम ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से बात की थी और भारत आने की इच्छा जताई थी. प्रधानमंत्री बर्नहम भारत आने के लिए बेहद उत्सुक हैं. यकीन है कि जल्दी ही वे भारत आएंगे और उनकी उत्सुकता खत्म होगी.