धमकी ईरान को 'मिटाने' की, किया सीजफायर, कब-कब 'डेडलाइन' देकर पलटे ट्रंप?

धमकी देना ट्रंप का स्टाइल है या महज एक दिखावा? मेक्सिको दीवार से लेकर चीन के ट्रेड वॉर और ईरान के खिलाफ ‘महायुद्ध’ की चेतावनियों तक—जानें कैसे हर बार बड़ी डेडलाइन देकर पीछे हट जाते हैं डोनाल्ड ट्रंप. क्या यह उनकी ‘आर्ट ऑफ द डील’ है या सिर्फ एक सियासी ब्लफ?

US leaders call President Trump insane
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दुनिया एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की ‘अनप्रेडिक्टेबल’ राजनीति का गवाह बनी. मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े 5 बजे) की जिस डेडलाइन पर ट्रंप ने ईरान की ‘सभ्यता मिटाने’ की कसम खाई थी, उससे ठीक डेढ़ घंटे पहले उन्होंने अचानक दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान कर दिया. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान द्वारा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को सुरक्षित खोलने की सहमति के बाद उन्होंने बमबारी रोकने का फैसला किया है. इसे ट्रंप की ‘मैडमैन थ्योरी’ की जीत कहें या अंतरराष्ट्रीय दबाव का असर, लेकिन इतिहास गवाह है कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ‘आर-पार’ की बात कहकर आखिरी पलों में पीछे हटे हैं. जानें कब-कब धमकी देकर अंतिम पलों में पीछे हटे ट्रंप?

जब ट्रंप ने आखिरी 10 मिनट में रोका हमला

यह ट्रंप के पीछे हटने का सबसे चर्चित उदाहरण है. जून 2019 में, जब ईरान ने एक अमेरिकी निगरानी ड्रोन को मार गिराया, तो ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर ईरान के तीन ठिकानों पर हमले का आदेश दे दिया था. अमेरिकी विमान हवा में थे और हमला होने ही वाला था, लेकिन हमले से ठीक 10 मिनट पहले ट्रंप ने इसे रोक दिया.
ट्रंप ने बाद में बताया कि एक जनरल ने उन्हें बताया कि इस हमले में 150 लोग मारे जा सकते हैं, जो एक मानवरहित ड्रोन गिराए जाने के बदले में उन्हें सही नहीं लगा.

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चीन के साथ ‘टैरिफ और यू-टर्न’

ट्रंप ने चीन के खिलाफ कई बार ‘अंतिम चेतावनी’ दी और अरबों डॉलर के सामान पर भारी शुल्क लगाने की घोषणा की. मई 2025 में, जिसे ‘लिबरेशन डे टैरिफ’ कहा गया, ट्रंप ने भारी शुल्क लगाने की धमकी दी, लेकिन जैसे ही वॉल स्ट्रीट और अमेरिकी बाजारों में गिरावट शुरू हुई, उन्होंने 90 दिनों की डेडलाइन बढ़ा दी. उन्होंने कई बार टैरिफ को ‘सस्पेंड’ किया या उनकी दरों को कम कर दिया. इसी अनिश्चितता के कारण बाजार में ‘TACO’ (Trump Always Chickens Out) शब्द एक ट्रेडिंग रणनीति बन गया.

मेक्सिको सीमा को पूरी तरह बंद करने की धमकी

ट्रंप ने मार्च 2019 में मेक्सिको को चेतावनी दी थी कि अगर उसने अवैध प्रवासियों को नहीं रोका, तो वे अगले ही हफ्ते ‘पूरी सीमा’ बंद कर देंगे. सीमा बंद होने से व्यापारिक नुकसान के डर और कार कंपनियों के दबाव के चलते, ट्रंप ने एक हफ्ते बाद अपना बयान बदल दिया और मेक्सिको को ड्रग्स और प्रवासियों को रोकने के लिए एक साल का ‘अल्टीमेटम’ देकर पीछे हट गए.

अफगानिस्तान से सेना बुलाने की डेडलाइन

ट्रंप ने कई बार अचानक घोषणा की कि ‘क्रिसमस तक’ सभी अमेरिकी सैनिक घर वापस आ जाएंगे. पेंटागन और सैन्य जनरलों के दबाव के बाद, उन्होंने अपनी ही दी हुई समय सीमा को कई बार बदला और अंततः एक चरणबद्ध वापसी की योजना पर हस्ताक्षर किए, न कि उस तत्काल वापसी पर जिसका उन्होंने वादा किया था.

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ग्रीनलैंड खरीदने का विवाद

ट्रंप ने डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदने की इच्छा जताई थी और मना करने पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री के साथ होने वाली अपनी आधिकारिक यात्रा को आखिरी समय पर रद्द कर दिया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘हास्यास्पद’ बताए जाने और कूटनीतिक दबाव के बाद, ट्रंप ने इस मुद्दे को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया और डेनमार्क के साथ संबंधों को फिर से सामान्य करने की कोशिश की.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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