अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों के घेरे में हैं. गुरुवार को ट्रंप ने भारत की तारीफ करते हुए इसे एक महान देश बताया और कहा कि देश का नेतृत्व उनके एक ‘बहुत अच्छे दोस्त’ कर रहे हैं. हालांकि, यह तारीफ तब आई जब उससे कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने एक नस्लवादी टिप्पणी को रिपोस्ट कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था. दरअसल, ट्रंप ने अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषक माइकल सैवेज के उस पॉडकास्ट को साझा किया था, जिसमें भारत, चीन और अन्य देशों को ‘हेल होल्स’ यानी ‘नरक’ कहकर संबोधित किया गया था. नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्म्स ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि रिपब्लिकन नेता ने भारत के प्रति गर्मजोशी दिखाई है.
विवाद की जड़ कौन?
विवाद की जड़ माइकल सैवेज का वह पॉडकास्ट ‘सैवेज नेशन’ है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के ‘बर्थराइट सिटीजनशिप’ कानून पर हमला बोला था. सैवेज ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भारत और चीन जैसे देशों के लोग अमेरिका सिर्फ इसलिए आते हैं ताकि नौवें महीने में बच्चा पैदा कर सकें और उसे तुरंत अमेरिकी नागरिकता मिल सके. ट्रंप ने न केवल इस पॉडकास्ट का वीडियो बल्कि उसका ट्रांसक्रिप्ट भी शेयर किया. इसमें भारतीय और चीनी प्रवासियों को ‘लैपटॉप वाले गैंगस्टर’ कहा गया है. सैवेज का आरोप है कि इन लोगों ने अमेरिकी झंडे का अपमान किया है और माफिया परिवारों से भी ज्यादा देश को नुकसान पहुंचाया है.
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नस्लवादी टिप्पणियों का सिलसिला जारी
नस्लवादी टिप्पणियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा. सैवेज ने दावा किया कि वह पहले भारत के लोगों के बड़े समर्थक थे, लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि कैलिफोर्निया की हाई-टेक कंपनियों में ‘श्वेत पुरुषों’ के लिए नौकरी के अवसर खत्म हो गए हैं, तो उनकी सोच बदल गई. उन्होंने प्रवासियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका को लूट लिया है और यहां के मूल निवासियों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया है. वहीं दूसरी तरफ, ट्रंप ने एक इंटरव्यू में गलत दावा किया कि अमेरिका दुनिया का इकलौता देश है जो जन्म के आधार पर नागरिकता देता है. जबकि फैक्ट-चेक के मुताबिक कनाडा और मैक्सिको समेत करीब 36 देश ऐसा ही कानून रखते हैं.
भारत सरकार की नपी-तुली प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने इस पूरे विवाद पर बेहद नपी-तुली प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के विवादास्पद पोस्ट पर कहा कि हमने कुछ रिपोर्ट देखी हैं और मैं अपनी बात को यहीं खत्म करता हूं. भारत की ओर से कोई तीखी प्रतिक्रिया न देना कूटनीतिक संयम माना जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर ट्रंप के इस दोहरे रवैये की कड़ी आलोचना हो रही है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक तरफ भारत को महान और उसके नेता को दोस्त बताने वाले ट्रंप आखिर ‘नरक’ जैसी टिप्पणियों का समर्थन कैसे कर सकते हैं. फिलहाल इस मामले ने भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है.
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