Trump At UNGA Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अपने भाषण में चीन और भारत को युक्रेन युद्ध का फाइनेंसर कहा है. इस दौरान उन्होंने अपने 8 महीने में सात युद्ध रोकने वाले बयानों की डींगे हाकी थी. ट्रंप के भाषण की शुरुआत खराब टेलीप्रॉम्पटर से हुई थी. गाजा-इजरायल मुद्दे पर भी अपनी राय देने के बाद उन्होंने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत और चीन को घेरने का प्रयास किया. उनका आरोप है कि दोनों देश युक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग का काम कर रहे हैं.
रूसी तेल खरीदने पर भारत-चीन को घेरा
ट्रंप ने UNGA मीटिंग में 1 घंटा लंबा भाषण दिया. उन्होंने भाषण में कहा कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है जिससे युद्ध के प्राथमिक फाइनेंसर के रूप में काम कर रहे हैं. चीन भी यहीं काम कर रहा है. ट्रंप ने दोनों देशों को रूस-यूक्रेन के युद्ध के लिए वित्तपोषक माना है. ऐसा उन्होंने यूक्रेन समेत अन्य संघर्षों पर ध्यान केंद्रित करते हुआ कहा था. अमेरिका द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 25% टैक्स के चलते भारतीय वस्तुओं पर टैक्स 50 प्रतिशत हो गया है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक शुल्कों में से एक है.
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पुराने राग फिर अलापे
ट्रंप ने इस बैठक के दौरान एक बार फिर अपने पुराने राग अलापे हैं. वह दावा करते हैं कि विश्व के सात युद्धों को उन्होंने रुकवाया है. भारत-पाकिस्तान युद्ध का श्रेय खुद को दिया. वहीं, रूस-यूक्रेन युद्ध न थमने के लिए रूसी तेल की खरीद पर चीन और भारत को जिम्मेदार माना है. उन्होंने दोनों देशों को प्राइमरी फंडर कहा है.
अंतरिम व्यापार समझौते में रुकावट
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के लिए पांच दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अगस्त में प्रस्तावित अंतिम दौर की चर्चा को स्थगित कर दिया गया है. पिछले कई महीनों से दोनों देश अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. जुलाई में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी.
हालांकि, अब भी भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की उम्मीद थी जिससे बढ़े हुए टैरिफ से बचने में मदद मिल सकती थी. भारत के रूसी तेल के निरंतर खरीद से ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25% और ज्यादा टैरिफ लगा दिया. इससे कुल 50 प्रतिशत टैरिफ हो गया है, जो 27 अगस्त से लागू हो चुका है.
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