जेल एक ऐसा अनुभव है, जहां रहना कभी भी पॉजिटिव नजरिये से नहीं देखा जा सकता। अक्सर जेल में रहने वाले लोगों की शिकायत होती है कि उन्हें भरपूर खाना नहीं मिला, लेकिन अगर आपको पता चले कि एक जेल ऐसी भी है, जहां खा-खाकर एक क्विंटल का आदमी गिने-चुने डेढ़ साल में ही दो क्विंटल का हो गया तो आप क्या कहेंगे? आपका हैरान होना लाजमी है, लेकिन यह सच है-एकदम सोलह आने सच। तानाशाह मुसोलिनी के देश इटली की एक जेल से यही सच्चाई सामने आई है। यहां गर्लफ्रेंड के हत्यारे को मेडिकल ग्राउंड पर जेल से रिहा किया गया है कि उसे जेल में उसकी अपेक्षा के अनुरूप खाना नहीं मिलता, जिसकी वजह से वह बीमार हो गया है। ऐसा आखिर कैसे मुमकिन है, यह जानने के लिए पहले हमें उस हैवानियत के बारे में जानना पड़ेगा, जिसके बाद उसे जेल जाना पड़ा।
जून 2017 में किया था गर्लफ्रेंड का मर्डर
घटना जून 2017 की है, जब करीब 29 वर्षीय दिमित्री फ्रिकानो और उसकी 25 वर्षीय प्रेमिका एरिका प्रीति सार्डिनिया द्वीप पर सैन टेओडोरो में छुट्टियां मना रहे थे। दोनों में खाने की खराब आदतों को लेकर बहस हो गई, जिसके बाद दिमित्री फ्रिकानो ने अपनी प्रेमिका की जान ले ली थी। इटली के एक स्थानीय अखबार के मुताबिक अपना गुनाह कबूल करने वाले दिमित्री फ्रिकानो ने दावा किया था कि प्रीति ने उसे पेपरवेट से मारा, जिसके बाद वह चाकू उठाने के लिए मजबूर हो गया और उसने चाकू से 57 बार वार किए। हालांकि शुरुआत में उसने अपनी गर्लफ्रेंड के कत्ल के लिए लुटेरों को जिम्मेदार बताया था, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे वह टूट गया और सारी सच्चाई से पर्दा उठ गया।
कोविड-19 के कारण बहुत देर से शुरू हुई थी सजा
2019 के अंत में ट्यूरिन सुपरवाइजरी कोर्ट ने दिमित्री फ्रिकानो को हत्या के लिए दोषी मानते हुए उसे 30 साल की कैद की सजा का फैसला सुनाया। हालांकि कोविड-19 के कारण उसकी सजा अप्रैल 2022 में शुरू हुई। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक सजा शुरू होने के वक्त उसका वजन 118 किलो के करीब था, लेकिन 200 किलो है। जहां तक इसकी वजह की बात है, कहा जा रहा है कि जेल में दिया जाने वाला हाई कैलोरी फूड उसकी मौत का कारण बन सकता है।
बढ़े वजन की वजह से घर में रहेगा नजरबंद
बढ़े वजन की वजह से अब दिमित्री फ्रिकानो को कोर्ट ने जेल से रिहा कर दिया है। मेडिकल ग्राउंड पर जेल से रिहाई का आदेश देने वाली अदालत ने कहा है कि बढ़े वजन के कारण फ्रिकानो जेल में नहीं रह सकता। वह चेनस्माॅकर है। जेल प्रशासन उसे वजन कम करने के लिए कम कैलोरी वाला खाना उपलब्ध नहीं करा सकता, जो जरूरी है। बाकी सजा अपने माता-पिता के घर में नजरबंद रहकर काटेगा। हालांकि उसके परिवार ने इस कदम को शर्मनाक बताया है। उधर, मरहूम प्रीति के पिता ने कहा, ‘कोई भी मेरी छोटी बच्ची को वापस नहीं दे सकता। हमारा दर्द अभी भी बढ़ रहा है, इसे इतनी जल्दी दूर नहीं किया जा सकता’। उसको लेकर डॉक्टरों ने यह भी राय दी है कि फ्रिकानो को हृदय रोग का खतरा अधिक था और उसे एक विशेष आहार का पालन करने की आवश्यकता थी जो ट्यूरिन की जेल प्रदान नहीं कर सकती थी।