20 मौतें और 5 लाख बेघर... थाईलैंड-कंबोडिया की लड़ाई होगी खत्म, मलेशिया के प्रधानमंत्री ने निभाई अहम भूमिका

Thailand Cambodia War: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच छिड़ा सीमा विवाद और जंग अब खत्म होने वाली है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप और मलेशिया के प्रधानमंत्री ने दोनों देशों को सीजफायर के लिए मना लिया है. अब दोनों देश शांति वार्ता करेंगे, जिसमें मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम मध्यस्थता की भूमिका निभाएंगे.

thailand cambodia conflict

एक मंदिर और सीमा को लेकर दोनों देशों में विवाद चल रहा है.

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Thailand Cambodia War Update: थाईलैंड और कंबोडिया लड़ाई खत्म करने के लिए तैयार हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की और बताया कि दोनों देश सीजफायर के लिए तैयार हैं और जल्दी ही दोनों के बीच शांति वार्ता होगी, जिसमें मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम अहम भूमिका निभाएंगे. वहीं अनवर इब्राहिम ने ही थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट को सीजफायर के लिए मनाया है.

फोन पर बात करके मनाया दोनों को

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा कि थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत के साथ फोन पर काफी अच्छी बातचीत हुई. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी दोनों से बाचतीत की और वे युद्धविराम के लिए सहमत हो गए. दोनों ने अक्टूबर 2025 में मलेशिया के कुआलालंपुर में साइन किए गए युद्धविराम समझौते को ही रिन्यू करने और आगे बढ़ाने का फैसला किया है. इसके लिए जल्दी ही दोनों एक बैठक करेंगे.

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पिछले एक हफ्ते से भिड़ रहे दोनों देश

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि थाईलैंड में हाल ही में एक धमाका हुआ था, जिसमें कई थाई सैनिक मारे गए और घायल हुए. थाईलैंड ने इसे साजिश करार देते हुए कंबोडिया पर आरोप लगाए और जवाबी कार्रवाई की. इसके बाद दोनों देशों में सीमा पर झड़पें शुरू हुईं. कंबोडिया की सेना ने थाईलैंड को जवाब देते हुए फायरिंग की तो थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर हमला किया. कंबोडिया ने भी जवाबी कार्रवाई की. इस संघर्ष में अब तक 20 लोग मारे गए हैं और 5 लाख लोग बेघर हुए हैं.

इसलिए छिड़ा है दोनों देशों में विवाद

बता दें कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवाद की मुख्य वजह प्रीह विहार मंदिर है, जो दोनों देशों के बॉर्डर पर बना है और यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया हुआ है. डांगरेक पर्वत पर यह मंदिर 11वीं शताब्दी में बना था, जिसके आस-पास के क्षेत्रों को लेकर विवाद है. प्राचीन औपनिवेशिक नक्शों में मंदिर को कंबोडिया में दिखाया गया है, लेकिन कंबोडिया के आजाद होने के बाद मंदिर पर थाईलैंड ने कब्जा कर लिया, इसलिए अब इस मंदिर को लेकर दोनों देशों में जंग चल रही है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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