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तिब्बत में एक के बाद एक भूकंप के दो बड़े झटके, 7.0 के बाद अब 4.6 की तीव्रता से हिली धरती; मचा हड़कंप

भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार तिब्बत में भूकंप भारतीय समयानुसार 22 अक्टूबर की रात करीब 8:03 बजे आया. भूकंप का केंद्र सतह से लगभग 173 किलोमीटर की गहराई दर्ज किया गया.

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भूकंप भारतीय समयानुसार रात करीब 8:03 बजे आया. (Photo: File image)

चीन के तिब्बत में गुरुवार को एक के बाद एक भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए गए. पहली बार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई, जबकि दूसरी बार 4.6 की तीव्रता के झटके आए. भूकंप के झटके मसहूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए. प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. झटके इतने तेज थे कि इस आपदा में बड़े स्केल पर जान-माल के नुकसान की संभावना जताई जा रही है. भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार तिब्बत में पहला भूकंप भारतीय समयानुसार 22 अक्टूबर की रात करीब 8:03 बजे आया.

भूकंप का केंद्र सतह से लगभग 173 किलोमीटर की गहराई दर्ज किया गया. वहीं, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भारतीय समयानुसार रात 10.40 बजे तिब्बत में दूसरी बार 4.6 तीव्रता का भूकंप आया. लगातार भूकंप के बड़े झटकों से लोगों में भय का माहौल है और अफरा-तफरी मची हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भूकंप के झटके तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किमी दूर से आए थे.

तिब्बत में बाढ़ के बाद अब भूकंप के तेज झटके

आपको बता दें कि कुछ सप्ताह पहले तिब्बत के पहाड़ी इलाके में भूकंप के बाद ग्लेशियर से जुड़ी एक बड़ी आपदा सामने आई थी. इसके चलते अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहने लगा और देखते ही देखते कई किलोमीटर का इलाका जलमग्न हो गया. तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित वीजा सेंटर भी पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बुरी तरह तबाह हो गया. इसके बाद बाढ़ का पानी नेपाल तक पहुंचा और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों, पुलों समेत कई महत्वपूर्ण निर्माणों को अपनी चपेट में ले लिया.

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नेपाल में बाढ़ से क्या है कनेक्शन?

26 अगस्त को नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने घरों, सड़कों और पुलों को बहा दिया था. रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ से कम से कम 1,455 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 5,285 लोग लापता बताए गए थे. अधिकारियों ने तलाशी और बचाव अभियान समाप्त करने के बाद प्रभावित लोगों के पुनर्वास और शुरुआती राहत कार्यों के लिए करीब 5 अरब डॉलर की जरूरत बताई थी. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भी लापता लोगों को लेकर आशंका जताई थी कि संभव है कि उनमें से कई का कभी पता न चल पाए.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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