फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 हादसे के ‘हीरो’ भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बात की है. उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार को वीडियो कॉल किया और उनका हालचाल जाना. इस दौरान उन्होंने कैप्टन स्मित से कहा कि मैं आपकी बहादुरी का कायल हो गया हूं. आप पूरी दुनिया के हीरो बन गए हैं, मेरे हीरो बन गए हैं. मैं आपको और मेरे प्रिय मित्र भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करता हूं. आप भारत और इजरायल के लोगों के आदर्श हैं, पूरी दुनिया के लिए मिसाल हैं. मैं आपके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. उम्मीद करता हूं कि आप इजरायल आएंगे.
कैप्टन स्मित ने बताया कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार से कहा कि मैं आपकी हिम्मत और मुश्किल हालात में शांत रहकर सही फैसला लेने की आपकी काबिलियत से हैरान हूं. इस पर फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने कहा कि अंदर की तरफ से दरवाजा खोलने के लिए ‘ट्विस्ट-टू-ओपन’ मैकेनिज्म है और बाहर से इसे सिर्फ एक कोड से ही खोला जा सकता है. दरवाजा खोलने का एकमात्र तरीका नॉब तक पहुंचना था. जैसे ही मेरा हाथ नॉब पर पहुंचा, मुझे लगता है कि मैंने उसे घुमाया और दरवाजा खोल दिया. ऐसा करके मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाई और इसके बाद क्रू मेंबर्स ने यात्रियों के साथ मिलकर जो किया, वह भी काबिल-ए-तारीफ था.
को-पायलट ने नमाज पढ़ते-पढ़ते पीछे से हमला किया
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने वीडियो कॉल पर बात करते हुए कैप्टन स्मित मच्छार से पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछा. कैप्टन ने बताया कि फ्लाइट इजरायल की ओर बढ़ रही थी और सब कुछ नॉर्मल था. को-पायलट नमाज पढ़ रहे थे और इबादत कर रहे थे कि अगले 4-5 मिनट में उनके सिर पर अचानक पीछे से जोरदार हमला हुआ. पहले मुझे लगा कि विमान में कोई गड़बड़ हुई है, लेकिन फिर लगातार चाकू से हमला हुआ और नीचे गिर गया, तब देखा कि को-पायलट के हाथ में चाकू था. मैंने को-पायलट का विरोध किया, लेकिन इस बीच विमान तेजी से नीचे गिरने लगा. मैंने उठकर कॉकपिट खोला, लेकिन को-पायलट ने बंद कर दिया, लेकिन मैंने उसे दोबारा खोल दिया.
पहला हमला होते ही इमरजेंसी सिग्नल भेज दिया था
कैप्टन मच्छार ने बताया कि मैं खून से लथपथ हालत में कॉकपिट के फर्श पर लेटा था. विमान के नीचे जाने की आवाज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं. को-पायलट फ्लाइट के साथ छेड़छाड़ करने लग था, उसी पल मौका देखकर मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और दरवाजे पर खड़े लोगों ने अंदर आकर को-पायलट को पकड़ लिया. इस तरह मैं यात्रियों की जान बचाने में कामयाब हुआ. इससे पहले मैं इमरजेंसी सिग्नल भेज चुका था और विमान 17000 फीट से ज्यादा नीचे गिर चुका था. विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री थे. गनीमत रही विमान में सवार अन्य पायलटों की मदद से फ्लाइट की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.