Sierra Leone Declares Emergency Over Drug Abuse : पश्चिमी अफ्रीका में स्थित देश सिएरा लियोन (Sierra Leone) के राष्ट्रपति ने एक ड्रग को लेकर राष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित कर दी है। इस ड्रग का नाम कुश (Kush) है जो कि एडिक्टिव पदार्थों का साइकोएक्टिव मिश्रण है। इस देश में यह ड्रग कई सालों से लोगों को अपना आदी बना रही है। राष्ट्रपति जूलियस माडा बायो ने इस ड्रग को ‘मौत का जाल’ बताया है और कहा है कि इससे ‘अस्तित्व का संकट’ खड़ा हो गया है।
इस ड्रग को बनाने में जिन पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है उनमें से एक इंसानों की हड्डियां हैं। इसके आदी लोगों को कब्रें खोदते हुए देखा गया है। इस पर रोक लगाने के लिए कब्रिस्तानों में सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर दी गई है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सिएरा लियोन में सड़कों के किनारे ऐसे लोगों को बैठे देखना आम है जिनके अंग इस ड्रग का ज्यादा सेवन करने की वजह से सूज गए हैं। इसके लती एक शख्स ने कहा कि मुझे अच्छा नहीं लगता लेकिन मैं इसे छोड़ नहीं पा रहा हूं।
पिछले कुछ महीनों में जा चुकी सैकड़ों लोगों की जान
बता दें कि इस ड्रग की वजह से कितने लोगों की जान गई है इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। लेकिन बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार एक डॉक्टर ने बताया कि राजधानी फ्रीटाउन में पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों युवाओं की मौत हुई है। ड्रग के अत्यधिक सेवन की वजह से उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था जिससे उनकी जान चली गई। डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर पर दुष्प्रभाव के साथ-साथ इस ड्रग का व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है।
3 साल में 4000 प्रतिशत बढ़ गए भर्ती होने वाले लोग
सिएरा लियोन साइकिएट्रिक हॉस्पिटल का कहना है कि साल 2020 और 2023 के बीच कुश ड्रग की वजह से भर्ती होने वाले लोगों की संख्या में 4000 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बता दें कि यह इस तरह का देश में अकेला अस्पताल है। इसके इस्तेमाल में इजाफे को देखते हुए फ्रीटाउन के कब्रिस्तानों का संचालन करने वालों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। गुरुवार की रात राष्ट्रपति बायो ने एक संबोधन में कहा कि हमारा देश इस ड्रग के चलते इस समय अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है।
संकट से निपटने के लिए टास्क फोर्स बनाने का निर्देश
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करते हुए कहा कि इसके एब्यूज को रोकने के लिए एक नेशनल टास्क फोर्स बनाने का निर्देश दिया गया है। यह टास्क फोर्स मुख्य रूप से कुश संकट से निपटने पर फोकस करेगी। हर जिले में सेंटर बनाए जाएंगे जिनमें प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स इसके लती लोगों को मदद उपलब्ध कराएंगे। बता दें कि वर्तमान में फ्रीटाउन इस देश का इकलौता ऐसा शहर है जहां ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर काम कर रहा है। इसे इसी साल एक आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में बनाया गया था।
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