Sheikh Hasina Reaction: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत और बांग्लादेश के के बीच मौजूदा तनाव के लिए मोहम्मद युनूस को जिम्मेदारी ठहराया है. उन्होंने ANI को एक ईमेल के जरिए दिए इंटरव्यू में भारत-बांग्लादेश राजनयिक तनाव पर कहा है कि दोनों देशों के संबंध जैसे दिख रहे हैं, वह युनूस सरकार की देन हैं, लेकिन जल्दी ही दोनों के राजनयिक संबंध अच्छे हो जाएंगे.
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भारत को भरोसेमंद दोस्त बताया
शेख हसीना ने कहा कि मोहम्मद युनूस की सरकार भारत के खिलाफ शत्रुतापूर्ण बयान जारी करती है. धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल है और चरमपंथियों को विदेश नीति तय करने देती है. भारत दशकों से बांग्लादेश का सबसे निष्ठावान मित्र और साझेदार रहा है. दोनों देशों के संबंध मौलिक हैं और किसी अस्थायी सरकार से कहीं ज्यादा समय तक और मजबूती से टिकेंगे.
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आम चुनाव को बेहद जरूरी कहा
शेख हसीना ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश में एक बार वैध शासन बहाल हो जाए, उसके बाद बांग्लादेश उस पटरी पर लौट आएगा, जिस पर चलकर उसने भारत के साथ राजनयिक और व्यापारिक संबंध बनाए थे. जिन संबंधों को उन्होंने अपने कार्यकाल में बड़ी मेहनत से आगे बढ़ाया था और मजबूत किया था. दूसरे शब्दों में शेख हसीना ने बांग्लादेश में आम चुनाव कराने की पैरवी की है.
उस्मान हादी की मौत से भड़के दंगे
बता दें कि आम चुनाव के लिए प्रचार के दौरान उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हादी ने सिंगापुर में उपचार के दौरान दम तोड़ा, लेकिन हादी की मौत की खबर सुनकर उनके समर्थक भड़क गए और सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हादी के हत्यारे को गिरफ्तार करने की मांग की और आरोप लगाया कि भारत ने शेख हसीना की तरह उस्मान के हादी के हत्यारे को पनाह दी.
प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारेबाजी करते हुए हिंसा फैलाई और आगजनी की. भारतीय उच्चायोग के दफ्तर में तोड़-फोड़ की. एक हिंदू युवक की हत्या करके उसके शव को जला दिया. BNP नेता का घर जला दिया, जिसमें एक 7 साल की बच्ची की मौत हो गई. देश के 2 बड़े अखबारों के दफ्तार जला दिए. इस तरह बांग्लादेश में एक बार फिर उसी तरह के हालात बन गए, जैसे अगस्त 2024 में बने थे.