Light को लेकर वैज्ञानिकों ने की ऐसी खोज, टेक्नोलॉजी में आ सकता है बड़ा बदलाव

वैज्ञानिकों ने प्रकाश (Light) को स्थिर करके सुपर सॉलिड के रूप में बदलने की अभूतपूर्व खोज की है। यह खोज क्वांटम फिजिक्स और ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

Light Super Solid

Frozen Light : वैज्ञानिक लगातार शोध में लगे रहते हैं। नए-नए शोध से दुनिया हैरान है। अब वैज्ञानिकों ने प्रकाश (Light) को लेकर बड़ी खोज की है, इस खोज से तकनीक की दुनिया में बड़ा बदलाव आ सकता है। इतालवी वैज्ञानिकों ने प्रकाश को “स्थिर” करके एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। इस शोध में सामने आया है कि प्रकाश सुपरसॉलिड के रूप में मौजूद हो सकता है।

शोध के मायने 

‘नेचर’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यह खोज क्वांटम फिजिक्स में एक बड़ी सफलता है और इससे क्वांटम कंप्यूटिंग और ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी में बदलाव आ सकता है। नई खोज से पता चलता है कि प्रकाश भी ठोस पदार्थ जैसा हो सकता है, इसके साथ ही इसमें सुपरफ्लुइड की खासियत भी होती है, जिससे वह बिना किसी घर्षण के प्रवाहित होता है।

कैसे लाइट को किया फ्रीज?

एक तरफ जहां तरल पदार्थ का तापमान कम होने पर वह ठोस हो जाता है, वहीं शोधकर्ताओं ने प्रकाश को सुपरसॉलिड में बदलने के लिए क्वांटम तकनीक का इस्तेमाल किया। उन्होंने एक सेमीकंडक्टर प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया, जिसे विशेष रूप से फोटॉन को नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

टीम ने सूक्ष्म लकीरों से युक्त गैलियम आर्सेनाइड संरचना का उपयोग किया और पोलारिटॉन नामक संकरित प्रकाश-पदार्थ कण उत्पन्न करने के लिए लेजर का प्रयोग किया। जैसे-जैसे फोटॉन की संख्या बढ़ती गई, उन्होंने उपग्रह संघनकों (Satellite Condenser) को देखा, जो सुपरसॉलिडिटी का संकेत है।

‘ये तो शुरुआत है’-वैज्ञानिक 

इन संघनकों (Condenser) ने समान ऊर्जा लेकिन विपरीत तरंग संख्याओं का प्रदर्शन किया, जिससे एक ऐसी स्थिति बनी, जिसने सुपरसॉलिड की पुष्टि की। शोधकर्ताओं ने बताया, “करीब शून्य तापमान पर क्वांटम प्रभाव उभर कर सामने आते हैं। यह प्रकाश में सुपरसॉलिडिटी को समझने की शुरुआत मात्र है।”

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