श्रीलंकाई हिंदू को नहीं होगी मौत की सजा, सऊदी अरब ने दी माफी; इस्लाम के खिलाफ किया था कमेंट

Saudi Arabia News: श्रीलंका के मजदूर शिवरासा अनोझन को ब्लासफेमी के आरोप में पहले 5 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में सजा-ए-मौत में बदल दिया गया था. फिर दोषी के परिवार और श्रीलंका की सरकार ने माफी की अपील की, जिसके बाद सजा-ए-मौत को रद्द कर दिया गया.

Sivarasa Anojan Facebook

श्रीलंका के मजदूर शिवरासा अनोझन को राहत (Photo-Facebook/Sivarasa Anojan)

Sri Lankan Worker Sivarasa Anojan: सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने शिवरासा अनोझन को सुनाई गई मौत की सजा को पलट दिया है. अनोझन 24 साल के श्रीलंकाई हिंदू प्रवासी मजदूर हैं, जिन्हें पैगंबर मोहम्मद के बारे में फेसबुक पर एक टिप्पणी करने के कारण ईशनिंदा का दोषी ठहराया गया था. ये फैसला श्रीलंकाई सरकार की ओर से उन्हें राहत दिलाने के लिए की गई कूटनीतिक और कानूनी कोशिशों के बाद आया है. श्रीलंका के विदेश मामलों, विदेशी रोजगार और पर्यटन मंत्रालय ने 14 अक्तूबर 2026 को कंफर्म किया कि कोर्ट ने 13 अक्टूबर को मौत की सजा को रद्द कर दिया.

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FB कमेंट से मौत की सजा तक का मामला

ये मामला जून 2026 के आखिर में श्रीलंका में एक हिंदू तीर्थयात्रा के दौरान हुए विवाद के बाद शुरू हुआ था. एक वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ जिसमें एक युवा मुस्लिम शख्स हिंदू तीर्थयात्रियों के पास एक कुत्ते को लात मारता हुआ दिख रहा था, जिससे सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तीखी बहस छिड़ गई. डिबेट के दौरान, कथित तौर पर एक यूजर ने हिंदू देवता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की. अनोझन ने तमिल भाषा में पैगंबर मोहम्मद के बारे में एक कमेंट करके जवाब दिया, जिसे उन्होंने बाद में हटा दिया. उन्होंने माफी मांगते हुए एक वीडियो भी जारी किया.

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हालांकि उस विवादित कमेंट का स्क्रीनशॉट सऊदी अरब में उनके एम्प्लॉयर तक पहुंच गए, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की. खबरों के मुताबिक उनके इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट जब्त कर लिए गए थे. अल-अहसा क्रिमिनल कोर्ट ने शुरू में 15 जुलाई को उन्हें पाँच साल की जेल और 30 लाख सऊदी रियाल (लगभग 800000 डॉलर) का जुर्माना लगाया था. 17 सितंबर को अपील कोर्ट ने उस सजा को पलट दिया और मौत की सजा सुना दी.

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श्रीलंका ने कूटनीतिक कोशिशें तेज कीं

इस फैसले के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और विदेश मंत्री ने सजा को चुनौती देने के लिए कूटनीतिक कोशिशें शुरू कीं. सुप्रीम कोर्ट में अपील की पैरवी करने के लिए एक स्पेशल लीगल टीम रियाद गई. श्रीलंका के कई सांसदों, बौद्ध नेताओं और हिंदू धार्मिक प्रतिनिधियों ने भी दया की अपील की और सरकार से दखल देने की गुजारिश. श्रीलंका के राजदूत ने जेल में अनोझन से मिलकर उसकी स्थिति का जायजा लिया.

कानूनी अनिश्चितता बरकरार

हालांकि मौत की सजा को पलट दिया गया है, लेकिन अनोझन की कानूनी स्थिति अभी भी क्लियर नहीं है. ये अभी साफ नहीं है कि उन्हें 5 साल की जेल की सजा काटनी होगी या उन्हें दोषी ठहराने का फैसला पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है. सऊदी अधिकारियों की तरफ से और क्लेरिफिकेशन का इंतजार है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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