हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

यूक्रेन में बेघर हुए लोगों के लिए अन्नदाता बना 'साथिया'... इंडिया से है ये गहरा रिश्ता

Russia ukraine war: युद्ध के बीच भारतीय मूल के शख्स का रेस्टोरेंट बंद हो गया था। जिसके बाद उसने रेस्टोरेंट में बेघर हुए लोगों को शरण दी।

विज्ञापन

Saathiya Indian eatery in Ukraine: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पोलैंड की यात्रा में शुक्रवार को यूक्रेन पहुंच गए हैं। करीब 10 घंटे की ट्रेन यात्रा करते हुए वह कीव पहुंचे हैं। यहां वे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ ‘मार्टिरोलॉजिस्ट’ प्रदर्शनी में शामिल हुए। जहां पीएम मोदी के जेलेंस्की के कंधे पर हाथ रखकर और गले लगाने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसी बीच कीव से एक और चीज की चर्चा है वह है यहां भारतीय मूल के रेस्तरां मालिक मनीष दवे का रेस्टोरेंट ‘साथिया’।

दरअसल, साथिया यूक्रेन के उन लाखों लोगों के लिए सिर छिपाने और खाने का जरिया बना जो लोग युद्ध में बेघर हो गए हैं। बता दें 24 फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया था। दो साल से अधिक समय से चल रहे दोनों देशों के बीच इस जंग में कीव में लाखों लोग अपने घर को उजड़ने से बेघर हो गए हैं। युद्ध के चलते बड़ी संख्या में लोगों के पास खाना नहीं है।

ये भी पढ़ें: Nepal Bus Accident: UP रोडवेज बस नहर में गिरी; 14 की मौत, 16 बचाए गए; काठमांडू जा रही थी

विज्ञापन

सभी जरूरतमंद लोगों को शरण दी

ऐसे में कीव में भारतीय छात्रों को घर का बना खाना खिलाने के मकसद से रेस्टोरेंट शुरू करने वाले मनीष दवे ने अपने दरवाजे न केवल भरतीयों बल्कि कीव में सभी जरूरतमंद लोगों के लिए खोल दिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और टेलीग्राम पर ये जानकारी शेयर की और अपने रेस्टोरेंट में सिर छिपाने और खाने के लिए लोगों के आने को कहा।

 

युद्ध के बीच रेस्टोरेंट बंद हो गया था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार युद्ध के बीच मनीष का रेस्टोरेंट तो बंद हो गया। उनके रेस्टोरेंट में एक बेसमेंट भी है। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके यहां शरण लेने पहुंचे। एक समय में उनके रेस्टोरेंट में करीब 130 से अधिक लोग आश्रय लिए हुए थे। उन्होंने भी दिल खोलकर सबका स्वागत किया।

विज्ञापन

कर्फ्यू खुलते ही राशन खरीदने के लिए लगाते थे लाइन

मीडिया में दिए बयान में मनीष दवे ने बताया कि उन्हें समेत 11 लोगों के उनके स्टाफ ने सभी लोगों के खाने और रहने की व्यवस्था की। जब कर्फ्यू बीच में खुलता तो वे आसपास के मॉल में लाइन में लगकर राशन खरीदकर लाते। इसके अलावा आसपास के रहने वाले लोगों ने भी उन्हें खाने-पीने का सामान दिया। लेकिन बीते मार्च में जब भारत सरकार ने यूक्रेन में बचाव अभियान चलाया तो आखिरी उड़ान से वह इंडिया वापस आ गए। वह गुजरात के रहने वाले हैं, वापसी में उन्होंने अपने रेस्टोरेंट की चाबी अपने पड़ोसी को सौंप दी थी।

ये भी पढ़ें: CEO की बातों में आई पत्नी और मेरा तलाक, Amazon के पूर्व कर्मी के निशाने पर जेफ बेजॉस तो नहीं?

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola