नीप्रो रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन पर ड्रोन अटैक (Photo-X/@NOELreports)
Russian Drone Attack On Ukraine’s Train: यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह नीप्रो रेलवे स्टेशन पर एक रूसी ड्रोन ने उस प्लेटफॉर्म पर हमला कर दिया, जहां एक ट्रेन खड़ी थी. इस घटना में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए. मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गई और घायलों का शुरुआती इलाज किया.
विज्ञापन
लोगों ने नजरअंदाज की वार्निंग
यूक्रेन रेलवे ने सोशल मीडिया पर बताया कि जब यात्री ट्रेन जापोरिजिया के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी, तभी स्टेशन पर रूस के एक जेट-पावर्ड ड्रोन से हमला किया गया. यूक्रेन रेलवे ने आगे कहा कि हवाई हमले के अलर्ट और खतरे के बढ़ने के ऐलान के बावजूद लोग प्लेटफॉर्म पर ही मौजूद रहे.
विज्ञापन
गुरुवार की सुबह 11:29 बजे निप्रॉपेट्रोव्स्क ओब्लास्ट के गवर्नर ओलेक्सांद्र हंझा ने जानकारी दी कि मेडिकल टीम पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और लोगों को फर्स्ट ऐड दे रहे हैं. निप्रो पर हुआ ये हमला यूक्रेन के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के रूस के बढ़ते कैंपेन की एक और कड़ी है, जिसमें पैसेंजर ट्रेनों को भी निशाना बनाया जा रहा है.
जेलेंस्की ने की रूस की निंदा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की इन इस घटना को लेकर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘निप्रो के रेलवे स्टेशन पर रूस का एक भयानक हमला हुआ है. रशियन ने एक प्लेटफॉर्म पर ड्रोन से हमला किया, जहां एक आम यात्री ट्रेन और एक निर्धारित पैसेंजर ट्रेन खड़ी थीं. बदकिस्मती से अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मैं उनके परिवारों और उनके करीबियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. 10 अन्य लोग घायल हुए हैं. घटनास्थल पर सभी जरूरी इमरजेंसी सर्विसेज काम कर रही हैं.’
विज्ञापन
A horrific Russian strike on the railway station in Dnipro. The Russians launched a drone attack on a platform where an ordinary commuter train and a scheduled passenger train were standing. Unfortunately, 13 people have been confirmed killed as of now. My condolences to their… pic.twitter.com/2n8TnJnbfW
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) October 29, 2026
जेलेंस्की ने आगे कहा, ‘रूस ने तनाव कम करने के बजाय, कुछ रूसी कुलीन वर्ग के लोगों और रूसी ऊर्जा क्षेत्र से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद से हमारे लोगों पर कितने आतंकवादी हमले किए हैं? यही कारण है कि यूक्रेन हमेशा कहता रहा है कि रूस की बढ़ती आक्रामकता के जवाब में अमेरिका और यूरोप को उचित और निर्णायक कदम उठाने चाहिए, जब तक ये रूसी युद्ध जारी है, तब तक मॉस्को और उसके वॉर मशीन पर लगे प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए. अब वक्त आ गया है कि यूरोपीय संघ, अमेरिका और G7 नए और कड़े प्रतिबंध लागू करें. मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूँ जो इस तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं.’