How Russia Using Volunteer Fighters In Ukraine : रूस की सेना ने साल 2022 के अंत में पूर्वी यूक्रेन में बलकलेया शहर से पीछे हटने का फैसला किया था। तब वह अपने वापस लौटने तक वहां वॉलंटियर्स के एक समूह को छोड़ कर गए थे जिनके पास लड़ने के लिए ठीक हथियार तक नहीं थे। इसके लिए नेशनल आर्मी कॉम्बैट रिजर्व के 50 लोगों को यूक्रेन में तैनात किया गया था। रूस के इस रिजर्व में कुछ हजार लड़ाके हैं, जो पहली बार यूक्रेन के खिलाफ जंग के मैदान में उतरे हैं। इनमें से एक फाइटर ने जो बॉडी कैमरा पहना हुआ था उसकी एक करीब चार घंटे लंबी फुटेज सामने आई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार इस फुटेज में रिजर्व के कॉम्बैट ऑपरेशंस की झलकी दिखाई दी थी। यूक्रेन पर हमले के दौरान ही रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस रिजर्व की यूनिट्स को जंग के मैदान में तैनात किया था। बता दें कि इसकी स्थापना साल 2015 में हुई थी। वीडियो के अनुसार रिजर्व यूनिट को बिना किसी एयर सपोर्ट या भारी हथियारों के बालकलेया को संभालने का काम दे दिया गया था।

यूक्रेन ने घेरा पर नहीं मिला एयर सपोर्ट

रूस में इस नेशनल आर्मी कॉम्बैट रिजर्व को बार्स (BARS) के नाम से जाना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार वीडियो फुटेज में एक बार्स फाइटर को यह पूछते हुए देखा जा सकता है कि हमारी एयर फोर्स कहां है? इस दौरान हो रही यूक्रेन की गोलाबारी रुकने के दौरान उसके साथियों को ठंडा मीट स्टू खाते हुए देखा जा सकता है। इन फाइटर्स को बालकलेया शहर के उत्तर में स्थित क्रॉस रोड्स को बचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। दिया गया था। ये लोग रूसी सेना के साथ कोऑर्डिनेशन को लेकर भी भ्रमित थे। इस सवाल पर स्क्वाड के लीडर एंटोन कुज्नेत्सोव यह कहते हैं कि एयर सपोर्ट न होने का कोई अच्छा कारण जरूर होगा। इस पर एक और सैनिक को शिकायत करते हुए सुना जा सकता है कि क्या वह इस बात को समझ रहे हैं कि हम घिरे हुए हैं? बता दें कि यह वीडियो फुटेज एंटोन के बॉडी कैमरे से ही रिकॉर्ड हुई थी। एंटोन ने कहा है कि मैंने यह वीडियो बनाया था और बाद में कैमरे का मेमोरी कार्ड खो गया था। हालांकि, उन्होंने कॉम्बैट ऑपरेशंस पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया।

रूस के रक्षा मंत्रालय का क्या कहना है?

रूस के रक्षा मंत्रालय और क्रेमलिन की ओर से इस वीडियो को लेकर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। न ही इस बात की जानकारी है कि रूस की सेना बार्स यूनिट पर कितनी निर्भर है। रिपोर्ट्स के अनुसार बलकलेया में लड़ाई में शामिल रहने वाले बार्स यूनिट के एक कमांडर ने यूनिट में अपनी पोजिशन की पुष्टि की है लेकिन यूनिट की गतिवधियों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को दो साल पूरे हो गए हैं और यह जंग अभी भी खत्म होती नहीं दिख रही। ये भी पढ़ें: दुबई जाने के लिए मिलते हैं कितने तरह के वीजा, क्या है Golden Visa? ये भी पढ़ें: जर्मनी में भी लीगल हुआ गांजा, संसद से मिली अनुमति; ऐसे होंगे नियम ये भी पढ़ें: इडली-राजमा हैं नेचर के दुश्मन और आलू पराठा है ज्यादा बेहतर; कैसे?