रूस का Su-57 या फ्रांस का Rafale… भारत के लिए कौन-सा ऑफर बेहतर‌? जानें फाइटर जेट्स की खासियतें

Russia vs France Fighter Jets: रूस और फ्रांस ने भारत सरकार को लड़ाकू विमानों की डील ऑफर की है. रूस ने SU-57 और फ्रांस ने राफेल F4 ऑफर किया है, लेकिन रक्षा मंंत्रालय अब यह विचार कर रहा है कि दोनों में कौन-सा ऑफर एक्सेप्ट करना बेहतर रहेगा? आइए जानते हैं कि दोनों लड़ाकू विमानों की खासियतें जानते हैं…

Russia SU-57 | France Rafale | Indian Air Force

रूस और फ्रांस दोनों ने भारत सरकार को ऑफर दिया है.

Russia vs France Fighter Jets: भारत को रूस और फ्रांस के मॉडर्न टेक्नॉलोजी से लैस मल्टी रोल फाइटर जेट्स ऑफर हुए हैं, लेकिन भारत को दोनों में से कोई एक ऑफर सेलेक्ट करना है और वह ऑफर कौन-सा होगा? यह तो दोनों फाइटर जेट्स की खूबियां जानने के बाद ही पता चलेगा. रूस ने Su-57E फाइटर जेट ऑफर किया है, जो इतना लड़ाकू है कि चुटकियों में दुश्मन का खात्मा कर देगा, वहीं फ्रांस ने फ्रांस ने राफेल F4 फाइटर जेट के साथ-साथ तेजस Mk-2 एयरक्राफ्ट के लिए साफ्रान का M88-4 इंजन ऑफर किया है.

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कितनी है एक विमान की कीमत?

बता दें कि रूस का 126 Su-57E फाइटर जेट का ऑफर 670 करोड़ रुपये प्रति विमान है और फाइटर जेट स्टील्थ कैटेगरी के हैं, वहीं फ्रांस के 114 राफेल F4 फाइटर जेट की कीमत 1000 करोड़ प्रति विमान है. वहीं इसके साथ मिलने वाला तेजस Mk-2 एयरक्राफ्ट के लिए साफ्रान का M88-4 इंजन GE F414 और MRFA (मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) का विकल्प हो सकता है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर भरोसा नहीं है. Su-57 का ऑफर सस्ता, लेकिन रिस्की है. राफेल का ऑफर भरोसेमंद और एक्सपोर्ट में सहायक है, लेकिन मेक इन इंडिया इग्नोर हो सकता है.

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रूस का Su-57E ऑफर काफी सस्ता

बता दें कि रूस ने भारत को 126 Su-57E लड़ाकू विमान ऑफर किए हैं, जिन्हें रूस ने फ्रांस के राफेल F4 से ज्यादा शक्तिशाली बताया है. रूस के इस एक विमान की कीमत 670 करोड़ रुपये (80 मिलियन डॉलर) है. यह विमान सोर्स कोड से लेस है और इसका 70 से 80% प्रतिशत कलपुर्जे HAL नासिक में बने हैं. यह विमान अस्त्रा और रुद्रम जैसे भारतीय हथियारों का इंटीग्रेशन करने में सक्षम है और निर्यात में इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

विमान में इंटरनल वेपन बे, सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, ओपन आर्किटेक्चर है. विमान की रेंज 3500 किलोमीटर, स्पीड मैक 2 और पेलोड 10 टन है. यह विमान Su-30MKI से कम्पैटिबल है, लेकिन विमान की स्टील्थ रडार क्रॉस-सेक्शन (RCS) 0.1-1 MA है, जो बड़ी कमी है. वहीं विमान का इंजन AL-41F1S का थ्रस्ट 147 kN है, जो हल्का और कम पावर वाला है. भारतीय वायुसेना को 5th जनरेशन का विमान चाहिए, लेकिन Su-57 अभी ‘4++’ पीढ़ी का है.

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MRFA का विकल्प फ्रांस का राफेल

बता दें कि फ्रांस का राफेल F4 के साथ साफ्रान इंजन का ऑफर विश्वसनीय तो है, लेकिन काफी महंगा है. फ्रांस ने 114 राफेल ऑफर किए हैं और एक विमान की कीमत 1000 करोड़ रुपये ($120 मिलियन) है. इसमें 60% कलपुर्जे लोकल हैं और इसका अपग्रेड सिस्टम भी पेड है. फ्रांस से लिए गए पहले 36 राफेल F3-R (2016) और 26 राफेल M काफी फायदेमंद साबित हुए हैं. यह विमान 4.5 पीढ़ी का है और इसमें AESA रडार लगा है. इसकी मेटियॉर मिसाइल की रेंज 3700 किलोमीटर है. विमान की स्पीड मैक 1.8 और पेलोड 9.5 टन है.

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वहीं तेजस Mk-2 फाइटर जेट के लिए साफ्रान का M88-4 इंजन GE-F414 का विकल्प हो सकता है, जिसका थ्रस्ट 98 kN है, जबकि M88-4 का थ्रस्ट 95-105 kN है, लेकिन इसका डिजाइन प्लग-एंड-प्ले है, जिसमें बदलाव की संभावना बेहद कम है. हालांकि ऑफर एक्सेप्ट करने से फ्रांस के साथ संबंध मजबूत होंगे, लेकिन ऑफर और इंजन का अपग्रेड महंगा है.

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