ईरान में 7वें दिन भी बवाल जारी है. हजारों लोग सड़कों पर कट्टरपंथी मौलव प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.करीब शुक्रवार रात भी तेहरान में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई शासन के झंडे फाड दिए.ईरान की सड़कों पर सुप्रीम लीडर खामेनेई को तानाशाह बताकर मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं. विरोध की ये आग 50 से ज्यादा शहरों में फैल चुकी है. कई जगहों पर सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच हिंसक झड़प भी हुई. जानकारी के मुताबिक पिछले 2 दिनों में 8 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हैं. हमादान के असदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की फौज ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर(IRGC) बेस पर कब्जे का दावा किया है. देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और पाबंदियों को लेकर लोगों में आक्रोश है.
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ईरान में क्या-क्या बंद?
ईरान में बेकाबू हालातों को देखते हुए स्कूल, यूनिवर्सिटी, सरकारी दफ्तरों और दुकानों को बंद कर दिया गया है. 31 दिसंबर को मौलवी शासन ने ये ऐलान किया था कि अगले 4 दिनों तक करीब 31 प्रांतों में स्कूल, ऑफिस समेत तमाम चीजें नहीं खुलेंगी. दरअसल, तेहरान में बाजार बंद कर करने की वजह से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते ये हिंसक झड़प में बदल गया. बहुत से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है. ईरान में रियाल के घटते दामों को लेकर जनता परेशान है. इंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत काफी गिर चुकी है. महंगाई दर 40% पार कर गया है.ईरान शासन का कहना है अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वो हर मुमकिन कोशिश कर रही है, इसीलिए पूर्व अर्थशास्त्र मंत्री अब्दोलनासर हेम्मती को सेंट्रल बैंक का नया गर्वनर चुना गया है.
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ट्रंप के बयान पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
प्रदर्शन के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति के ईरान पर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को ईरान पूरी तरह खारिज कर देगा. विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेनाएं अलर्ट पर हैं और किसी भी तरह के हालातों को काबू करने में पूरी तरह सक्षम हैं. आपको बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई या उनकी हत्या की, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा और इसमें हस्तक्षेप करेगा. ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद के सदस्यों को पत्र लिखकर राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान पर आपत्ति जताई है. उसमें ये भी लिखा गया है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान मुंहतोड़ जवाब देगा.
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