Two Aeroflot Tupolev Tu-134s Collision Memoir: एक आसमान और 2 प्लेन हवाई सफर पर थे, लेकिन अचानक मौसम खराब हो गया है और 27000 से ज्यादा फीट की ऊंचाई पर एक विमान रास्ता भटक गया। दूसरे विमान के पायलट लगातार संपर्क करते रहे, लेकिन विमान रडार से भी गायब हो चुका था, अचानक दोनों विमान एक दूसरे के सामने हो गए और स्पीड कंट्रोल नहीं होने से आपस में टकरा गए। आसमान में ही दोनों विमानों ने जोरदार टक्कर हुई।
फिर दोनों विमान नीचे गिरते गए और जमीन पर गिरकर दोनों में भीषण आग लग गई। हादसे में दोनों विमानों में सवार सभी 178 लोग मारे गए। मलबे से जला हुआ सामान और जली हुई लाशें मिलीं, जिनकी शिनाख्त DNA टेस्ट से हुई। यह भीषण विमान हादसा आज से 45 साल पहले 11 अगस्त 1979 को हुआ था। यूक्रेन के शहर में दोनों विमान क्रैश होकर गिरे थे। जांच करने वालों ने हादसे के लिए दोनों विमानों के पायलटों, खराब एटीट्यूड और खराब मौसम को जिम्मेदार ठहराया।
यह भी देखें:घोटाले में फंसे, कांग्रेस से निकाले गए…कौन थे नटवर सिंह? जिनकी ऑटोबायोग्राफी पर हुआ था खूब बवाल
इन 2 विमानों की टक्कर यूक्रेन के शहर में हुई थी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 11 अगस्त 1979 को दोनों विमान आपस में टकराने के बाद यूक्रेन के निप्रोडज़ेरझिन्स्क (अब कामियांस्के) शहर में गिरे थे। एक विमान टुपोलेव टीयू-134ए था। एयरोफ्लोत कंपनी के इस एयरलाइनर में डोमेस्टिक फ्लाइट 7628 ने उड़ान भरी थी, जिसमें 88 पैसेंजर्स और 6 क्रू मेंबर्स थे। दूसरा विमान Tu-134AK एयरलाइनर था, जिसमें एअरोफ़्लोत की फ़्लाइट 7880 ने उड़ान भरी थी। इसमें 77 पैसेंजर्स और 7 क्रू मेंबर्स थे। इस विमान में सवार पैसेंजरों में पख्ताकोर फुटबॉल क्लब के कर्मचारी भी शामिल थे, लेकिन हादसे में दोनों विमानों में सवार सभी लोग मारे गए। फ्लाइट 7628 ने चेल्याबिंस्क से वोरोनिश और फिर किशनीव के लिए वोरोनिश हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। फ्लाइट 7880 डोनेट्स्क हवाई अड्डे से मिन्स्क के लिए रवाना हुई थी।
यह भी देखें:Arshad Nadeem की मां ने नीरज चोपड़ा के लिए कही ऐसी बात, गर्व महसूस करेंगे भारतीय
रास्ता भटकने और कम्युनिकेशन नहीं होने से हुई टक्कर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट 7628 अपने रास्ते में बाईं ओर लगभग 4 किलोमीटर (2 मील) दूर तक रास्ता भटक गई थी, जबकि फ्लाइट 7880 भी बाईं ओर ही 0.5 किलोमीटर (0.31 मील) दूर थी। दोनों विमान अचानक ATC रडार स्क्रीन से गायब हो गए। ATC अधिकारियों ने दोनों के पायलटों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जबकि दोनों विमान 8400 मीटर (27,600 फीट) की ऊंचाई पर आपस में टकरा चुके थे। इगोर चेर्नोव चेर्कासी से डोनेट्स्क के लिए जा रही फ्लाइट एंटोनोव AN-2 के पायलट ने दोनों विमानों को आसमान से नीचे गिरते देखा और ATC अधिकारियों को हादसे के बारे में बताया।
फ्लाइट 7880 का दायां विंग फ्लाइट 7628 के अगले हिस्से से टकराया था। इससे फ्लाइट 7880 का दायां पंख टूटा और मलबा इंजन में फंस गया। इंजन खराब होने से फ़्लाइट 7628 दाईं और घूम गई और दोनों विमानों के पिछले हिस्से टकरा गए। जिस समय फ्लाइट 7628 का बायां इंजन 7880 की नोक से टकराया और फ्लाइट 7628 का दायां पंख टूट गया तो फ्लाइट 7628 नियंत्रण से बाहर हो गई और प्लेन 2 हिस्सों में बंट गया। फ्लाइट 7880 ने नुकसान से बचने के लिए इमरजेंसी लैंडिंग कराने की कोशिश की, लेकिन लगभग 4000 मीटर (13000 फीट) की ऊंचाई पर उन्होंने नियंत्रण खो दिया और दोनों विमान क्रैश होकर गिर गए।
यह भी देखें:डॉक्टर की रेप के बाद हत्या; नग्न हालत में खून से सनी मिली लाश, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डराने वाले खुलासे
संबंधित खबरें
'जेलेंस्की की जगह नया राष्ट्रपति चुने यूक्रेन', डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
4 hrs agoPAK ने इंटरनेशनल कोर्ट में लुटा दिए 57 करोड़, भारत पर किया था केस
10 hrs agoफ्लाईदुबई के को-पायलट की तेल अवीव एयरपोर्ट पर विमान क्रैश करने की थी योजना
14 hrs ago'झूठ फैलाना बंद करो', कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने UN में PAK को फिर लताड़ा
15 hrs agoUAE के पास तेल के जहाज पर ड्रोन हमला, बाल-बाल बचे 22 भारतीय क्रू मेंबर्स
17 hrs agoडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस से खरीदेंगे डीजल; भारत को देते थे धमकी
20 hrs agoपिल्लई को नोबेल पीस अवॉर्ड मिलने के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शन, ICC पर बैन
1 day agoपाकिस्तान में 4 प्रांतों को बांटने की तैयारी, असीम मुनीर का प्लान चर्चा में
1 day agoदादा-दादी थे बंधुआ मजदूर, भारत से गए थे अफ्रीका... जानें कौन हैं नवी पिल्लई
1 day agoभारतीय मूल की नवनेथेम 'नवी' पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines