हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: DussehraCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

'पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा', ट्रंप ने मैक्रों की इमिग्रेशन नीति को बताया जिम्मेदार, फ्रांस के भविष्य पर जताई चिंता

Donals Trump On France: फ्रांस के कई शहरों में महंगाई के लेकर हो रहे प्रदर्शन हिंसक हो गए, हालात बद से बदतर हो रहे हैं. इसको लेकर यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन पॉलिसी पर सवाल उठाए हैं, और चेतावनी दी है कि पेरिस जल्द मुस्लिम शहर में बदल जाएगा.

विज्ञापन
इमैनुएल मैक्रों और डोनाल्ड ट्रंप (Photo-ANI)

Donals Trump Slams Emmanuel Macron: फ्रांस के अहम शहरों में जारी हिंसा और आगजनी के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन नीतियों पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप का दावा है कि अनकंट्रोल्ड इमिग्रेश के कारण फ्रांसीसी राजधानी पेरिस की डेमोग्राफी और कल्चरल नेचर तेजी से बदल रहा है और ये जल्द ही एक मुस्लिम बहुल शहर में तब्दील हो जाएगा.

‘मैक्रों को सालों पहले दी थी चेतावनी’

व्हाइट हाउस परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने बहुत पहले ही राष्ट्रपति मैक्रों को सतर्क किया था. ट्रंप के मुताबिक, दुनिया भर से बड़ी तादाद में लोगों को बिना किसी कड़े नियंत्रण के देश में आने की इजाजत देना एक गंभीर भूल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि मैक्रों उनके अच्छे दोस्त हैं, लेकिन सरहद पर ढील देने का उनका निर्णय पूरी तरह गलत था. ट्रंप ने ये भी कहा कि यूरोपीय देशों को अपनी सीमाओं और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को तुरंत सख्त बनाना चाहिए.

महंगाई से भड़की हिंसा की आग

भले ही ट्रंप इस अशांति को सीधे इमिग्रेशन पॉलिसी से जोड़ रहे हों, लेकिन पेरिस और दूसरे शहरों में उपजे असंतोष की मूल वजहें आर्थिक और सामाजिक हैं. ये आंदोलन शुरुआत में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ था. वक्त के साथ इसमें बढ़ती महंगाई, दैनिक खर्चों में इजाफा और सार्वजनिक सेवाओं के गिरते स्तर से परेशान नागरिक भी शामिल हो गए. प्रदर्शनों के दौरान पेरिस, लिली और नीस जैसे शहरों में भारी हिंसा, लूटपाट और वाहनों में आगजनी देखने को मिली. स्थिति पर काबू पाने के लिए पेरिस पुलिस ने प्लास दे ला रिपब्लिक और ले आल जैसे इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू कर दिया है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- फ्रांस-इटली के बाद पुर्तगाल में भड़के Gen-Z, जानें सड़कों पर क्यों उतरे लोग और कर रहे हिंसा-आगजनी?

सरकार ने की कार्रवाई

फ्रांस के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस हिंसा में अब तक तकरीबन 2400 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 1000 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. व्यापारिक संगठनों का अनुमान है कि 3000 से ज्यादा दुकानों और बिजनेस एस्टेब्लिशमेंट्स को नुकसान पहुंचा है. प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर देश में इमरजेंसी लागू की जा सकती है. दूसरी तरफ राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि नागरिक शिकायतों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से ही संभव है, और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola