TrendingAI summitiranDonald Trump

---विज्ञापन---

‘आप साउथ एशिया के सेवियर हैं…’, गाजा शांति बैठक में शहबाज शरीफ ने क्यों किया ट्रंप का गुणगान?

Gaza Peace Board Meeting: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई में हुई गाजा शांति बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने ट्रंप की खुलकर तारीफ की और गाजा में स्थायी शांति की जरूरत पर जोर दिया.

Credit: X

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका में आयोजित गाजा बोर्ड ऑफ पीस की अहम बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक की अगुवाई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की. बैठक का मकसद गाजा में जारी संघर्ष को खत्म करना और वहां स्थायी शांति की दिशा में कदम उठाना था. शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की. उन्होंने ट्रंप को साउथ एशिया का सेवियर बताया और ये तक कह दिया कि उनके जैसा कोई नहीं है. शहबाज शरीफ ने कहा कि ट्रंप जैसे मजबूत और साफ सोच वाले नेता आज दुनिया को शांति की राह दिखा सकते हैं. शरीफ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस फैसले लेने की जरूरत है.

ये भी पढ़ें: ‘लानत है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पर…’, शहबाज शरीफ ने फिर कराई दुनियाभर में फजीहत, जानें क्या है मामला?

---विज्ञापन---

'पाकिस्तान हमेशा शांति चाहता है'

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि गाजा में लंबे समय से हिंसा और संघर्ष चल रहा है, जिससे आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि गाजा में युद्धविराम का पूरी तरह पालन होना चाहिए, ताकि निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सके. उन्होंने ये भी कहा कि फिलिस्तीनी लोगों को उनका हक मिलना चाहिए और क्षेत्र में शांति तभी संभव है, जब सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान ढूंढें. शरीफ ने दोहराया कि पाकिस्तान हमेशा से शांति, संवाद और इंसानियत के पक्ष में खड़ा रहा है.

---विज्ञापन---

क्या बोले राष्ट्रपति ट्रंप?

बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका गाजा के पुनर्निर्माण और मानवीय मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाएगा. उन्होंने बताया कि कई देश इस पहल से जुड़े हैं और अरबों डॉलर की मदद पर चर्चा चल रही है. इस बैठक को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. कुछ विपक्षी दलों ने शहबाज शरीफ की ट्रंप के साथ मंच साझा करने पर सवाल उठाए हैं. वहीं, सरकार के समर्थकों का कहना है कि ये पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को मजबूत करने की कोशिश है. आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति की पहल पर गठित इस बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान समेत 27 देश शामिल हैं. अर्जेंटीना, अजरबैजान, सऊदी अरब, यूएई और इजरायल भी इसका हिस्सा हैं, लेकिन फिलीस्तीन इसका पार्ट नहीं है.

ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, बोले- 10 दिन में परमाणु समझौता नहीं किया तो बर्बाद कर दूंगा


Topics:

---विज्ञापन---