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सामने आया पाकिस्तान का सच, लश्कर के कमांडर ने कबूला- ऑपरेशन सिंदूर से हुआ नुकसान

पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है. पाकिस्तान ने हमेशा ये कहा कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सिर्फ आम लोग निशाना बने. लेकिन अब लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर ने ये साफ कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनका हेडक्वार्टर मरकज-ए-तैयबा तबाह हो गया.

Credit: Social Media

पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी को कबूल कर लिया है. लश्कर के कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान को स्वीकार कर लिया है. मुरिदके में भावी लश्कर कमांडरों के लिए आयोजित एक समारोह में हाफिज अब्दुल रऊफ ने ये बात कबूली. 6-7 मई की रात को भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर मरकज-ए-तैयबा को तबाह कर दिया था.

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कमांडर रऊफ का कबूलनामा

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुरीदके में आतंकी संगठन के मुख्यालय को निशाना बनाया था. लेकिन पाकिस्तान हर बार इस बात से इंकार करता रहा. उसने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आम नागरिक मारे गए. लेकिन अब लश्कर के कमांडर ने खुद इसका सच बता दिया है. रऊफ ने कहा कि भारतीय सेना के हमले का असर इतना गहरा था कि सारी ईमारतें जमींदोज हो गई. उन्होंने कहा कि जहां वो इमारतें थीं, वहां सिर्फ मलबा नजर आ रहा था. वो मस्जिद जहां वो खुदा की इबादत करने जाते थे, अब वहां बैठने तक की जगह नहीं है. रऊफ ने अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ऊपरवाले ने बस उनकी जान बचा ली.

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आतंकियों को मिलती थी ट्रेनिंग

मुरिदके में मौजूद मार्काज दुर्रुस्सलम मुख्यालय और ट्रेनिंग कैंप दशकों से आतंकवाद का केंद्र रहा है. इसे हाफिज सईद ने स्थापित किया था. अब हाफिज अब्दुल रऊफ लश्कर का ऑपरेशन कमांडर रहा है. उसने कई आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी और उन्हें पीओके में बने टेरर लॉन्च पैड के जरिए भारत में एंट्री दिलाने की कोशिश की. रऊफ ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए आतंकवादियों के जनाजे की नमाज पढ़ाई थी. जनाजे की नमाज में पाकिस्तानी सेना के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे.

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