India-Pakistan Trade: दोनों पड़ोसी देशों के बीच डायरेक्ट ट्रेड पर पाबंदियों के बावजूद, 2026-27 वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत से पाकिस्तान के आयात में भारी वृद्धि हुई है. ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 के दौरान पाकिस्तान ने भारत से 61.74 मिलियन डॉलर के वैल्यू का सामान आयात किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये आंकड़ा 36.55 मिलियन डॉलर था. वहीं भारत ने पाकिस्तान से कोई आयात नहीं किया.
भारत से पाकिस्तान के आयात में उछाल
ताजा आंकड़े ये सवाल खड़े करते हैं कि द्विपक्षीय व्यापार सस्पेंड होने के बावजूद भारतीय प्रोडक्ट्स पाकिस्तानी बाजारों तक कैसे पहुंच रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि तीसरे देश के रास्तों से सामान की आवाजाही हो रही होगी. भारत से पाकिस्तान के आयात में फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स अहम हैं. इसके अलावा, प्लास्टिक, पेट्रोलियम, रसायन, रबर, चाय, कॉफी, सब्जियां, मसाले, डेयरी प्रोडक्ट्स और अनाज का भी व्यापार हो रहा है.
अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने डायरेक्ट ट्रेड सस्पेंड कर दिया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. नई दिल्ली ने वाघा-अटारी बॉर्डर क्रॉसिंग को भी बंद कर दिया और पाकिस्तान से आने वाले या वहां से निर्यात किए जाने वाले सामान के डायरेक्ट या इनडायरेक्ट ट्रेड और ट्रांजिट पर रोक लगा दी. इसके जवाब में इस्लामाबाद ने भी भारत के साथ व्यापार निलंबित करने का ऐलान किया, जिसमें तीसरे देशों के जरिए होने वाला व्यापार भी शामिल था.
भारतीय सामान पाकिस्तान तक कैसे पहुंच रहा है?
कुछ ट्रेड एक्सपर्ट ने दावा किया है कि पाकिस्तान पहुंचने से पहले ये प्रोडक्ट दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे व्यापारिक केंद्रों से होकर गुज़र सकते हैं. ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (GTRI) के मुताबिक, पाकिस्तान को होने वाला अनौपचारिक भारतीय निर्यात सालाना लगभग 10 अरब डॉलर का हो सकता है. इसके अलावा सामान को तीसरे देश के गोदामों में भेजा जाता है, जहां फिर से निर्यात करने से पहले उनके दस्तावेज और लेबल बदल दिए जाते हैं. इस तरह के तरीकों से प्रोडक्ट्स के असली सोर्सेज का पता लगाना मुश्किल हो जाता है. हालांकि, सिर्फ फ्रेश इम्पोर्ट के आंकड़ों से ये साबित नहीं होता कि ये सामान इन्हीं रास्तों से पाकिस्तान पहुंचे हैं या मौजूदा पाबंदियों का उल्लंघन हुआ है.
भारत-पाकिस्तान व्यापार में गिरावट
दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते 2019 से काफी कमजोर हो गए हैं, जब पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से ‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ (MFN) का दर्जा वापस ले लिया था. खबरों के मुताबिक द्विपक्षीय व्यापार 2018 में 2.41 अरब डॉलर से घटकर 2024 में 1.2 अरब डॉलर रह गया है. राजनीतिक तनाव और पाबंदियों के बावजूद, ताजा आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान में भारतीय उत्पादों की मांग बनी हुई है, भले ही आधिकारिक व्यापार पर भारी प्रतिबंध लगे हुए हैं.