जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आ गए हैं। भारत की डिप्लोमैटिक स्ट्राइक से पाकिस्तान डर गया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत पहले पता करें कि इस घटना का अपराधी कौन है? सिर्फ बातचीत और खोखले बयानों से कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने पहलगाम हमले की जांच के लिए रूस, चीन और अन्य पश्चिमी देशों से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सवाल उठाते हुए कहा कि किस आधार पर भारत ने पड़ोसी देश पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सिंधु जल समझौता को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही व्यापार संबंधों को खत्म और बॉर्डर को बंद कर दिया गया। ख्वाजा आरिफ ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस या चीन या पश्चिमी देश इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और वे एक जांच टीम भी गठित कर सकते हैं, जिसे यह जांच करने का काम सौंपा जाना चाहिए कि भारत झूठ बोल रहा है या सच।
पहले पता करें कि अपराधी कौन है : ख्वाजा आसिफ
उन्होंने आगे कहा कि आइए पता लगाएं कि कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले का अपराधी कौन है? इंटरनेशनल टीम को पता लगाने दें। कुछ सबूत होने चाहिए कि इसमें पाकिस्तान शामिल है या इन लोगों को पाकिस्तान द्वारा समर्थन दिया गया था। ये सिर्फ खोखले बयान के अलावा कुछ नहीं है। इस मामले में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने रूस और चीन से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पहलगाम हमले की जांच कर रही NIA
आपको बता दें कि पहलगाम हमले ने पूरे देश को झकझोंर कर रख दिया है। आतंकियों ने पर्यटकों को अपना निशाना बनाया और नाम-धर्म पूछ-पूछकर गोलियां बरसाईं। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए। एनआईए की टीम इस मामले की जांच कर रही है। साथ ही सुरक्षा बलों की ओर से जम्मू कश्मीर से आतंकियों का सफाया किया जा रहा है।