मिडिल ईस्ट जंग का आज 25वां दिन है। युद्ध से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अब अमेरिका भी युद्ध रोकने की तरफ रुख किए हुए है। हालांकि ईरान और अमेरिका में सहमति नहीं बन पा रही है। जंग होने से सबसे ज्यादा व्यवसायिक जल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित हुआ है। इसके बंद होने से कई देशों में क्रूड ऑयल, एलपीएजी, एलएनजी का संकट पैदा हो गया है। अब इसी होर्मुज को खुलवाने के लिए कई देश एक होकर जंग रोकने की अपील कर रहे हैं। हालांकि ईरान ने जंग रोकने के लिए गेंद को अमेरिका में पाले में फेंक दिया है।
ईरान के IRGC के वरिष्ठ आधिकारी मोहसेन रेजाई के अनुसार, युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक हुई सभी क्षति का मुआवजा न मिल जाए। अन्य मांगे बताते हुए मोहसेन ने कहा कि सभी आर्थिक प्रतिबंध हटा दिए जाएं और यह गारंटी मिल जाए कि अमेरिका ईरान के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। यह हमारे राष्ट्र, हमारे नेता और हमारी सशस्त्र सेनाओं का निर्णय है। हालांकि अभी तक शर्तों पर अमेरिका की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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इधर, मुंबई में ईरान के महावाणिज्यदूत सईद रजा मोसयेब मोतलाघ से पूछा गया कि क्या वह पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक आर्थिक संकट को रोकने के लिए खुद को जिम्मेदार मानता है, तो ईरान के महावाणिज्यदूत सईद रजा मोसयेब मोतलाघ ने कहा कि बिल्कुल नहीं। हम पर हमला करने वाले इसके लिए जिम्मेदार हैं, और हमने केवल आत्मरक्षा में कार्रवाई की है। हमारी चेतावनियों और युद्धकालीन परिस्थितियों की पूरी जानकारी होने के बावजूद, उन्होंने हम पर हमला करना चुना। उन्हें युद्ध के परिणामों पर विचार करना चाहिए था।
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