पहली महिला चीफ जस्टिस, सरकार के खिलाफ सख्त रवैया, जानिए सुशीला कार्की के पीएम बनने की इनसाइड स्टोरी

Nepal Gen-Z Protest: नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद अंतरिम सरकार की मांग तेज हो रखी है. इस रेस में सुशीला कार्की का नाम सबसे आगे है, जिन्हें युवाओं का बड़ा समर्थन मिल रहा है. जानें कैसे चुना जा रहा है अंतरिम प्रधानमंत्री और क्यों कार्की बनीं पहली पसंद.

source-news24
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Nepal Gen-Z Protest: नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद अब देश को अंतरिम सरकार की जरूरत है. इस सरकार का काम देश में चुनाव करवाना और नई निर्वाचित सरकार का गठन करवाना होता है. इस वक्त अंतरिम पीएम के लिए सुशीला कार्की का नाम सबसे ऊपर आ रहा है. हालांकि, जेन-जी के भी अलग-अलग गुटों से अलग-अलग नामों के बारे में चर्चाएं हो रही है. कल यानी 11 सितंबर को एक नए नाम कुलमन घिसिंग आया, जिसे जेन-जी का एक समूह अंतरिम प्रधानमंत्री बनाना चाहता है. मगर सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर अंतरिम सरकार के लिए प्रधानमंत्रियों का चुनाव करता कौन है? आइए समझते हैं इस बात को.

कैसे चुना गया कार्की का नाम?

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिम सरकार के प्रतिनिधि को समझने के लिए पहले नेपाल की राजनीति और इस आंदोलन को समझना होगा। सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि जेन-जी आंदोलन के कई समूह है और अलग-अलग नेतृत्व है। जेन-जी आंदोलनकारियों की मांगों में सुशीला का नाम सर्वोपरी है. इस पर औपचारिक जवाब और समर्थन जरूरी था. इसके लिए डिस्कॉर्ड प्रक्रिया की मदद ली गई थी.

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क्या है ये प्रोसेस?

इसमें एक प्लेटफॉर्म बनाया जाता है, जहां एक बड़े ग्रुप से पोलिंग या वोटिंग करवाई जाती है. नेपाल में डिस्कॉर्ड पर तकरीबन 10 हजार लोग शामिल हुए थे. इस पर वोटिंग हुई कि किसे चुना जाएगा, नाम कई थे लेकिन सबसे ज्यादा वोट पक्ष सुशीला के नाम पर थी. मगर डिस्कॉर्ड पर भी वोटिंग सुरक्षित नहीं होती है क्योंकि कई बार प्रोफाइल ज्यादा और लोग कम होते हैं. नकली प्रोफाइल की जांच करनी होती है और उसके बाद गिनती होती है.

सुशीला कैसे रेस में आगे निकली?

बालेंद्र शाह जिसके नाम पर पहले बहुत चर्चाएं थी, मगर अचानक उनका समर्थन सुशीला कार्की को मिल गया। इसने सुशीला की जीत पर काफी हदतक सहायता की है. बालेंद्र शाह जो काठमांडू के पॉपुलर मेयर है, उनके समर्थन से युवाओं की स्वीकृति भी बढ़ी है. कार्की भी अंतरिम सरकार के लक्ष्य के समर्थन में मजबूती से आगे हैं, इसलिए भी युवाओं ने उन्हें चुना है.

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कुछ ठोस कारणों से लिस्ट में टॉप पर

सुशीला कार्की भारत में बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर चुकी हैं. उनकी साफ छवि और निष्पक्षता उन कारणों में से एक है. वे नेपाल की प्रथम महिला मुख्य न्यायधीश रही है. उनके कामों का सही परिणाम लोगों के सामने स्पष्ट रूप से हैं. उन्हें कभी राजनीतिक पक्ष में नहीं देखा गया है और वे साफ बोलती है.

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लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

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नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

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