Middle East War Update: खुद को लेकर चल रही अटकलों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू लाइव आए और करीब 45 मिनट की स्पीच देकर दुश्मनों को चारों खाने चित्त कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं जिंदा हूं, स्वस्थ हूं और आप सभी के सामने खड़ा हूं। 20 दिन में दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा हूं। इसलिए ईरान के हमले में अपनी मौत की खबरों को खारिज करता हूं। मेरी मौत को लेकर चल रही अटकलें झूठी, निराधार और फर्जी हैं।
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ जंग का मकसद बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ चलाया है। हमारे सिर्फ 3 लक्ष्य हैं। पहला परमाणु खतरे को खत्म करना। दूसरा बैलिस्टिक मिसाइल के खतरे को खत्म करना और इन दोनों खतरों को जमीन में गहराई तक दफन होने और हवाई हमले से बचने से पहले ही खत्म करना। तीसरा ईरानी जनता के लिए उनकी आजादी हासिल करने और ऐसी परिस्थितियां बनाना कि वे अपनी किस्मत खुद तय करें और खुद लिखें।
होर्मुज स्ट्रेट रास्ते का विकल्प तलाशने पर जोर दिया
नेतन्याहू ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने की जरूरत होगी। इसके लिए तेल पाइप लाइनों, गैस पाइप लाइनों को अरब प्रायद्वीप से पश्चिम की ओर सीधे इजरायल तक, सीधे हमारी भूमध्यसागरीय बंदरगाहों तक ले जाइए और आप हमेशा के लिए स्ट्रेट से आवाजाही करने में आने वाली बाधाओं से छुटकारा पा लेंगे। इसलिए मैं इस युद्ध के बाद आने वाले समय को बदलाव के रूप में देखता हूं, जो पूरी दुनिया के लिए होगा?
साउथ पार्स पर हमले से देश-सेना का बचाव किया
नेतन्याहू ने दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट ईरान के साउथ पार्स पर हमले का बचाव किया और कहा कि ट्रंप अपने फैसले खुद लेते हैं और इजरायल अपने फैसले खुद लेता है। ट्रंप ने भविष्य में तेल-गैस प्लांट पर हमलों को रोकने के लिए कहा था। साउथ पार्स पर हमला करने की घटना में इजरायल अकेला शामिल था, लेकिन अब राष्ट्रपति ट्रंप ने हमें भविष्य में ऐसे हमले न करने के लिए कहा था और एक बार फिर हमलों को लेकर चेताया है और हम मानेंगे।
20 दिन की जंग में ईरान पूरी तरह बर्बाद हो गया
नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध इजरायल जीत रहा है। ईरान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बना सकता और यूरेनियम एनरिचमेंट नहीं कर सकता। अब ईरान पूरी दुनिया को परमाणु हमले की धमकी देकर ब्लैकमेल नहीं कर सकता है। 20 दिन की जंग में ईरान के पास संवर्धित यूरेनियम और संवर्धन करने की क्षमता खत्म हो चुकी है। ईरान अब ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने में भी सक्षम नहीं रहा है।
अमेरिका के साथ रिश्ते और तालमेल काफी मजबूत
ईरान की लीडरशिप खत्म हो चुकी है। ईरान के लोगों को आजादी का हक देना लक्ष्य है। अमेरिका हमारा सबसे अच्छा दोस्त है और इजरायल-अमेरिका का तालमेल काफी मजबूत हैं। हमने साथ मिलकर आज तक कई उपलब्धियां हासिल की हैं। डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों पर कोई दवाब नहीं होता है। वे अपने फैसला खुद लेते हैं और उनके फैसले बेहद अहम होते हैं, जो इजरायल को भी मान्य होते हैं। अमेरिका को इजरायल ने इस युद्ध में नहीं धकेला है।
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