Nirmal Purja Death: दुनिया के 12वें सबसे ऊंचे पहाड़, ब्रॉड पीक पर एक अभियान के दौरान बर्फीले तूफान (एवलांच) की चपेट में आने से मशहूर पर्वतारोही निर्मल 'निम्सदाई' पुर्जा की मौत हो गई है. ये जानकारी उनकी एडवेंचर कंपनी, 'एलीट एक्सपेड' ने दी है. हादसे के बाद से ही पुर्जा और 5 अन्य पर्वतारोहियों के लापता होने की खबर थी.

निधन पर शोक की लहर

इंस्टाग्राम पर जारी एक बयान में, 'एलीट एक्सपेड' ने पुर्जा की मौत की पुष्टि की और बताया कि इस हादसे में एक्सपेडिशन के अन्य सदस्यों की भी जान चली गई. कंपनी ने पुर्जा और उनके साथ चढ़ाई करने वाले साथियों और गाइडों - पुर बहादुर गुरुंग, जिन्हें युक्ता के नाम से भी जाना जाता था और निमा शेरपा की मौत पर गहरा दुख जताया. कंपनी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और इस मुश्किल वक्त में उनके परिजनों की निजता का सम्मान करने की गुजारिश की.

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महान पर्वतारोही

श्रद्धांजलि देते हुए, 'एलीट एक्सपेड' ने पुर्जा को अपनी पीढ़ी के सबसे महान पर्वतारोहियों में से एक बताया और कहा कि उनके साहस, नेतृत्व और दृढ़ संकल्प ने दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित किया. कंपनी ने कहा कि पर्वतारोहण की अचीवमेंट्स के अलावा, उन्होंने लोगों को अपनी सीमाओं को चुनौती देने और बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एनकरेज किया.

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कहां है ब्रॉड पीक?

ब्रॉड पीक, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की सीमा पर, K2 के पास काराकोरम रेंज में स्थित है. खबरों के मुताबिक, ये बर्फीला तूफान पहाड़ के सामान्य 'वेस्ट रिज' रूट पर लगभग 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर आया था.

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कौन हैं निर्मल पुर्जा?

निर्मल पुर्जा पेशे से माउंटेनियर थे, जिनका जन्म 25 जुलाई 1983 को नेपाल के गंडकी प्रांत में हुआ था, उनके पिता गोरखा सैनिक और मां किसान थीं. उनका बचपन काडमांडू के पास चितवन जिले में बीता. बाद में वो हायर एजुकेशन के लिए इंग्लैंड चले गए और लॉफ़बोरो यूनिवर्सिटी से सिक्योरिटी मैनेजमेंट में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी की. 9 नवंबर 2023 को उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली.

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फुल टाइम क्लाइंबर बनने से पहले पुर्जा ने ब्रिटेन की 'ब्रिगेड ऑफ गोरखा' और बाद में 'रॉयल ​​मरीन' की खास 'स्पेशल बोट सर्विस' (SBS) में सेवा की थी. उन्हें 2019 में अपने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' मिशन के दौरान सिर्फ 6 महीने और 6 दिनों में 8,000 मीटर से ऊंचे सभी 14 पहाड़ों पर चढ़ाई करने के बाद दुनिया भर में पहचान मिली. 2021 में, वो K2 पर सर्दियों में सफल चढ़ाई करने वाली पहली नेपाली टीम का हिस्सा बने. उनकी कामयाबी को नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री '14 पीक्स: नथिंग इज इम्पॉसिबल' में भी दिखाया गया, जिसने दुनिया भर के दर्शकों को उनके शानदार सफर से रूबरू कराया.