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Bella Ciao : इस देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रोटेस्ट का एंथम बन गया Money Heist का टाइटिल सॉन्ग!

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इटली में जन्म लेने वाला क्रांतिकारी गीत ‘बेला चाओ’ को नेटफ्लिक्स की मनी हाइस्ट सीरीज ने बहुत ज्यादा फेमस कर दिया था। पूरी दुनिया में विरोध का प्रतीक बने इस गाने का इस्तेमाल अब एक यूरोपीय देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध जताने के लिए किया गया है।

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Representative Image (Pixabay)

How Bella Ciao Became A Global Protest Anthem : इटली के आइकॉनिक गीत बेला चाओ को ऐतिहासिक रूप से फासीवाद विरोधी एंथम के रूप में जाना जाता है। बेहद पॉपुलर हुई नेटफ्लिक्स की सीरीज मनी हाइस्ट का टाइटिल सॉन्ग भी यही गाना था। अब यह गीत हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान के खिलाफ प्रोटेस्ट एंथम के रूप में उभरा है। ओरबान की इस समय उनकी राष्ट्रवादी नीतियों और ‘गैर उदारवादी लोकतंत्र’ के लिए खूब आलोचना हो रही है।

उनका यूरोपियन यूनियन के साथ भी कई बार टकराव हो चुका है। हाल ही में यूरोपीय संसद के सदस्यों ने ओरबान के प्रशासन के खिलाफ स्टैंड लेने के लिए ‘बेला चाओ’ गाने का इस्तेमाल किया था। इस दौरान पूरी यूरोपीय संसद इस गाने के बोलों से गूंज उठी थी। इन सब घटनाओं के बीच इस स्पेशल रिपोर्ट में जानिए कि 20वीं सदी का यह क्रांतिकारी गाना किस तरह वैश्विक प्रोटेस्ट एंथम बन गया और आज के समय में विक्टर ओरबार के खिलाफ क्यों यूज किया जा रहा है।

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यूरोपीय संसद में क्या हुआ था

बुधवार को स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संसद का पूर्ण अधिवेशन सत्र आयोजित हो रहा था। इस दौरान हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने 2024 के लिए यूरोपीय यूनियन की अध्यक्षता के लिए अपने देश कती की प्राथमिकताओं को लेकर संबोधित किया था। इसके बाद यूरोपीय संसद के लेफ्ट विंग मेंबर्स ने ‘बेला चाओ’ गाना शुरू कर दिया था। ये लोग करीब 20 सेकंड तक इसे गाते रहे थे जिसके बाद यूरोपीय संसद की प्रेसिडेंट रॉबर्टा मेट्सोला ने इसे रुकवाया और कहा कि यह यूरोविजन नहीं है।

क्या है बेला चाओ का इतिहास

विरोध जताने के लिए बेला चाओ गाने का सेलेक्शन मनमाना नहीं था। यह गीत दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजी कब्जे के खिलाफ इटली के लोगों के फासीवाद विरोधी प्रतिरोध के दौरान उत्पन्न हुआ था। यह गाना आजादी की लड़ाई और दमनकारी नीतियों वाले शासन के खिलाफ प्रतिरोध जताने का एक सार्वभौमिक प्रतीक बन चुका है। समय के साथ इटली की जड़ों से आगे निकलते हुए यह गाना वैश्विक स्तर पर विरोध का एंथम बन चुका है जिसका इस्तेमाल दुनियाभर के आंदोलनों में होता रहा है।

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ओरबान के खिलाफ ये आरोप

ओरबान के खिलाफ लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना करने का आरोप है, विशेष रूप से कानून के शासन, अल्पसंख्यकों के अधिकारों और इमिग्रेशन के मामले में। यूक्रेन को लेकर यूरोपीय यूनियन के सपोर्ट की आलोचना करने के लिए भी उन पर सवाल उठे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे हैं, इसकी वजह से भी उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। ओरबान के खिलाफ इस गाने के यूज ने इसकी प्रोटेस्ट एंथम के रूप में लोकप्रियता को दिखाया है।

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