हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

'हां, मोजतबा खामेनेई को भी…', ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर जानें क्या कहते हैं ट्रंप और नेतन्याहू?

Iran New Supreme Leader: अमेरिका और इजरायल मिलकर मोजतबा खामेनेई को भी मार देंगे, अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो। यह बात खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने कही है। मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने खुद ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर अपना रूख स्पष्ट किया।

विज्ञापन
Credit: Social Media

Middle East War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मोजतबा खामनेई ने सहयोग नहीं किया तो अमेरिका और इजरायल मिलकर से भी मार देंगे। दूसरे शब्दों में ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर के रूप में मोजतबा की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है और स्पष्ट किया है कि मोजतबा खामेनेई सहयोग किए बिना शांति से नहीं रह पाएंगे।

मोजतबा को अमेरिका की मांग माननी ही होगी

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार , अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को सहयोग किए बिना ईरान के नए सुप्रीम लीडर पद पर नहीं रह पाएंगे। अगर मोजतबा खामेनेई अमेरिका की मांगों को नहीं मानेंगे और सहयोग नहीं करेंगे तो वे इजरायल के नेतृत्व में उनकी हत्या का भी समर्थन करेंगे। अमेरिका की मांग परमाणु कार्यक्रम बंद करना है। अगर मोजतबा ने इस मांग को नहीं माना तो किसी भी तरीके से उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।

ईरान में हुआ सत्ता परिवर्तन, अली खामेनेई के बेटे बने सुप्रीम लीडर, जानें विरोध के बावजूद मोजतबा को क्यों मिली जिम्मेदारी?

विज्ञापन

मोजतबा के खिलाफ अभियान इजरायल चलाएगा

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अली खामेनेई के खिलाफ अभियान इजराय ने चलाया था। मोजतबा के खिलाफ अभियान भी इजरायल ही चलाएगा और अमेरिका उसे सहयोग करेगा। ईरान से कहा गया था कि नया लीडर चुनने में अमेरिका भी सहयोग करेगा। नया लीडर वही होगा जो अमेरिका के अनुसार काम करेगा, लेकिन ईरान ने अपनी मर्जी चलाई, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सहयोग नहीं किया तो बेटे का अंजाम भी बाप के जैसा ही होगा।

मोजतबा को सुप्रीम लीडर नहीं बनाना चाहते थे पिता

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए अली खामेनेई अपने बेटे को सुप्रीम लीडर नहीं बनाना चाहते थे। इसका जिक्र उन्होंने अपनी वसीयत में भी किया था, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने मोजतबा को इस पद पर नियुक्त कर दिया। इसका खुलासा विपक्षी समूह नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी के अनुसंधान निदेशक खोसरो इस्फहानी किया, जिसके ईरानी खुफिया नेटवर्क से संबंध हैं।

विज्ञापन

खामेनेई की हत्या की इनसाइड स्टोरी, इजरायल-अमेरिका ने कब और कैसे बनाया मारने का प्लान? पढ़ें रक्षा मंत्री के खुलासे

मोजतबा ने आज तक कोई सरकारी पद नहीं संभाला

56 वर्षीय मोजतबा ने आज तक कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं संभाला था। उन्होंने अपने पिता के करीबी लोगों के बीच पर्दे के पीछे रहकर काम किया है। 2000 के दशक में उन्हें राजकीय लिबरेशन के पीछे की शक्ति के रूप में पेश किया गया था। उन पर सरकार के वफादारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में हेरफेर करने में मदद करने का आरोप भी लगे थे। वहीं अमेरिकी और इजरायल भी उनकी ताजपोशी की खिलाफत कर रहे हैं।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola