Middle East War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मोजतबा खामनेई ने सहयोग नहीं किया तो अमेरिका और इजरायल मिलकर से भी मार देंगे। दूसरे शब्दों में ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर के रूप में मोजतबा की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है और स्पष्ट किया है कि मोजतबा खामेनेई सहयोग किए बिना शांति से नहीं रह पाएंगे।
मोजतबा को अमेरिका की मांग माननी ही होगी
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार , अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को सहयोग किए बिना ईरान के नए सुप्रीम लीडर पद पर नहीं रह पाएंगे। अगर मोजतबा खामेनेई अमेरिका की मांगों को नहीं मानेंगे और सहयोग नहीं करेंगे तो वे इजरायल के नेतृत्व में उनकी हत्या का भी समर्थन करेंगे। अमेरिका की मांग परमाणु कार्यक्रम बंद करना है। अगर मोजतबा ने इस मांग को नहीं माना तो किसी भी तरीके से उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।
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मोजतबा के खिलाफ अभियान इजरायल चलाएगा
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अली खामेनेई के खिलाफ अभियान इजराय ने चलाया था। मोजतबा के खिलाफ अभियान भी इजरायल ही चलाएगा और अमेरिका उसे सहयोग करेगा। ईरान से कहा गया था कि नया लीडर चुनने में अमेरिका भी सहयोग करेगा। नया लीडर वही होगा जो अमेरिका के अनुसार काम करेगा, लेकिन ईरान ने अपनी मर्जी चलाई, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सहयोग नहीं किया तो बेटे का अंजाम भी बाप के जैसा ही होगा।
मोजतबा को सुप्रीम लीडर नहीं बनाना चाहते थे पिता
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए अली खामेनेई अपने बेटे को सुप्रीम लीडर नहीं बनाना चाहते थे। इसका जिक्र उन्होंने अपनी वसीयत में भी किया था, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने मोजतबा को इस पद पर नियुक्त कर दिया। इसका खुलासा विपक्षी समूह नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी के अनुसंधान निदेशक खोसरो इस्फहानी किया, जिसके ईरानी खुफिया नेटवर्क से संबंध हैं।
मोजतबा ने आज तक कोई सरकारी पद नहीं संभाला
56 वर्षीय मोजतबा ने आज तक कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं संभाला था। उन्होंने अपने पिता के करीबी लोगों के बीच पर्दे के पीछे रहकर काम किया है। 2000 के दशक में उन्हें राजकीय लिबरेशन के पीछे की शक्ति के रूप में पेश किया गया था। उन पर सरकार के वफादारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में हेरफेर करने में मदद करने का आरोप भी लगे थे। वहीं अमेरिकी और इजरायल भी उनकी ताजपोशी की खिलाफत कर रहे हैं।