Middle East War New Update: मध्य पूर्व में छिड़ी जंग के बीच बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि नए ईरानी नेता परमाणु समझौता करने के लिए तैयार हैं। ईरानी प्रशासन अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता हैं। अमेरिका ने भी बातचीत के लिए सहमति दे दी है। अगर वे बातचीत करना चाहते हैं और मैं भी टेबल पर आने के लिए सहमत हूं, इसलिए मैं उनके प्रति संतुलित रुख अपनाऊंगा।
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कूटनीति से विवाद सुलझाने का रास्ता खुला
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हालांकि उन्हें यह पहले ही कर देना चाहिए था, अब बहुत देर कर दी। समझौते को लटकाकर ईरान ने चालाकी दिखाई थी, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि कूटनीति से मामला सुलझाने की गुंजाइश बाकी है। हमलों के बावजूद तेहरान कूटनीति के लिए राजी है, लेकिन इजरायल और अमेरिका को ईरान पर इस तरह हमले से कुछ भी हासिल नहीं होगा।
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ईरान की सेना को घुटने टेकने की सलाह
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के सुरक्षा बलों को अमेरिका के सामने अपने हथियार डाल देने चाहिए। बदले में अमेरिक को पूर्ण सुरक्षा मिलेगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें मौत का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि ईरान ने अगर घुटने नहीं टेके तो अमेरिका अपने लक्ष्य पूरे होने तक हमले नहीं रोकेगा। अली खामेनेई का खात्मा कर दिया है। अब अमेरिका का मकसद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह बर्बाद करना है।
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ईरान के लोगों से ट्रंप की खास अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के लोगों से भी खास अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता को मौजूदा हालातों का फायदा उठाना चाहिए। साहसी, निडर और वीर बनने का मौका है। उन्हें अपना देश तानाशाहों से वापस ले लेना चाहिए। बमबारी और मिसाइल अटैक बंद होने तक अपने घरों में रहें। आप लोगों से जो वादा किया था, वह पूरा कर दिया है। अमेरिका आपकी मदद के लिए हमेशा खड़ा रहेगा और इसी तरह अन्याय का दमन करता रहेगा।