मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान की जंग के बीच अमेरिकी वायुसेना के अधिकारी ने अपना अनुभव बताते हुए आपबीती सुनाई. 60 मिनट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि हमले में विमान से इजेक्ट होकर पैराशूट से उतरने के बाद वे जिंदा कैसे बचे? रेस्क्यू किए जाने तक 50 घंटे कैसे बिताए? हमले में उन्हें गोली लगी थी, लेकिन जिंदा बचने के लिए 7000 फीट ऊंची पहाड़ी पर चढ़ गए थे, जहां कड़ाके की ठंड थी और उनके पास न खाना था और न ही पानी था, फिर भी वे 2 दिन तक जिंदा रहे. युद्ध के शुरुआती दौर में उनका विमान ईरान के हमले का शिकार हुआ था और जब दोनों पायलट इजेक्ट हुए तो नीचे उतरते के बाद वे एक दूसरे से करीब 5 मील दूर थे.
आसमान से जमीन पर गिरने से चोटें लगी
मिशन कॉल साइन ड्यूड 44 ब्रावो नाम से मशहूर अमेरिकी वायुसेना के 2 अधिकारी F-15E में सवार थे. 2 अप्रैल 2026 को ईरान के पहाड़ी क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरते समय पहले विमान पर हमला किया गया. जब दोनों पैराशूट से इजेक्ट हो गए तो IRGC ने कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से हमला किया, जिससे ब्रावो का पैराशूट डैमेज हुआ और वे 70 से 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से जमीन पर गिरे. इतनी स्पीड से इतनी ऊंचाई से गिरने से कारण उनकी कमर, बांह और कंधे में फ्रैक्चर हो गया, जबकि पायलट अल्फा को कुछ घंटों में बचा लिया गया. लेकिन वहीं रुककर प्रार्थना की कि हे प्रभु, आपकी इच्छा पूरी हो. लेकिन अगर मैं हमले से बच रहा हूं और जिंदगी बाकी है तो मुझे मदद की जरूरत है, किसी को भेजें.
बर्फीले पथरीले पहाड़ पर 2 दिन बिताए
ब्रावो ने बताया कि ईरान की सेना उन्हें तलाश रही थी, लेकिन वे दुर्घटनास्थल से दूर चले गए और 7000 फीट ऊंची पहाड़ी पर चढ़ गए, क्योंकि उस वक्त छिपने के लिए वही सबसे सुरक्षित जगह थी. ठंडे और तेज हवाओं वाले ऊंचे पहाड़ी रेगिस्तान में बिना खाने और पानी के दिन बिताया. अमेरिकी सेना ने ईरानी सेना का पीछा किया और ईरानी सेना से पहले उन तक पहुंची. 90 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक जमीन पर तलाश रहे थे और हवाई मदद उन्हें अलग से मिल रही थी. CIA ने भी ईरानी सेना को भ्रमित करने और ब्रावो की सटीक लोकेशन का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बचाव दल पहुंच गया था, लेकिन जान अभी भी खतरे में थे, क्योंकि बचाव विमान का लैंडिंग गियर रेगिस्तानी रेत में फंस गया और वे उड़ न सके.
रेत में फंसे दोनों विमान तबाह कर दिए
ब्रावो ने बताया कि रेगिस्तानी रेत में फंसने के कारण विमान उड़ान भरने में असमर्थ हो गए थे और 90 से अधिक सैन्यकर्मी वहीं फंस गए थे. एयरफोर्स की सीक्रेट यूनिट ने मदद की और फंसे हुए दोनों विमानों को लिटिल बर्ड हेलीकॉप्टरों के साथ नष्ट कर दिया, ताकि उनकी तकनीक ईरानी हाथों में न पड़ जाए. दोनों विमानों में से एक विमान की कीमत 100 मिलियन डॉलर थी. इस तरह कीरब 50 घंटे बाद ब्रावो को बचा लिया गया. ईरान से निकलने के तुरंत बाद उन्होंने अमेरिका में अपनी पत्नी को फोन किया. वहीं दुश्मन के हमले के बाद भी जिंदा बचना और रेस्क्यू कर लिया जाना किसी आधुनिक युग के चमत्कार से कम नहीं था. अमेरिका की सरकार अपने वादे को निभाने और कोई सबूत पीछे न छोड़ने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहती है.
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