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भूकंप के भयानक झटकों से दहली जापान की धरती, रिक्टर स्केल पर 7.1 रही तीव्रता, सुनामी आने की चेतावनी हुई जारी

Earthquake in Japan: भूकंप से जापान की धरती फिर दहली है और सुनामी आने का खतरा पैदा हो गया है. सरकार ने समुद्र तटीय इलाके खाली करने का आदेश जारी कर दिया है. वहीं भूकंप के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं.

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Credit- News 24

जापान में आज फिर भूकंप के जोरदार झटके लगने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई है. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई, वहीं इतनी तीव्रता वाला भूकंप आने से सुनामी आने का खतरा पैदा हो गया. इसलिए भूकंप वैज्ञानिकों ने एक मीटर ऊंची सुनामी आने का अलर्ट जारी कर दिया है, क्योंकि समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं. लोगों को समुद्री तटीय इलाके खाली करने का आदेश दे दिया गया है. टूरिस्टों को भी सुरक्षित जगहों पर रहने का निर्देश है.

10 किलोमीटर गहराई में भूकंप का केंद्र

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, दक्षिणी जापतान में द्वीप क्यूशू के कुमामोटो इलाके में भूकंप के तेज झटके लगे. भूकंप का केंद्र समुद्र की सतह से 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई में मिला. एजेंसी की ओर से सुनामी आने के खतरे के चलते एहतियातन बचाव के कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकि भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर अभी तक नहीं आई है, लेकिन रेस्क्यू टीमें और बचाव दल फील्ड में उतरकर जायजा ले रहे हैं.

इन राज्यों में इमरजेंसी की घोषणा हुई

जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भूकंप वैज्ञानिकों के निर्देश पर कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी स्टेट में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. साथ ही जान माल का नुकसान होने से बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. भूकंप से हुए नुकसान का जल्द से जल्द आंकलन करने आदेश दिए हैं. वहीं स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान तेज करने का आदेश भी उन्होंने पुलिस विभाग को दिया है.

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‘रिंग ऑफ फायर’ बसा हुआ है जापान

बता दें कि जापान प्रशांत महासागर में ‘रिंग ऑफ फायर’ बसा है, जहां दुनिया के 90 प्रतिशत भूकंप आते हैं. जापान 4 प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स प्रशांत प्लेट, फिलीपींस सागर प्लेट, यूरेशियन प्लेट, उत्तरी अमेरिकी प्लेट पर बसा है, जो आपस में टकराती हैं या एक दूसरे के नीचे खिसकती हैं तो कंपन पैदान होने से भूकंप आता है. वहीं यह चारों प्लेट्स हर साल खिसक जाती हैं, इस वजह से भी प्लेट्स के किनारों पर दबाव आता है, जिस वजह से भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं. जापान के समुद्र में ‘सबडक्शन’ होता है, जिसके तहत भारी टेक्टोनिक प्लेट हल्की टेक्टोनिक प्लेट के नीचे धंस जाती है, जिससे दबाव आता है और जब चट्टानें दबाव सह नहीं पातीं, तब जो ऊर्जा निकलती है, वह भूकंपीय तरंगों के रूप में धरती को हिला देती है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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