अमेरिकी जेफ्री एपस्टीन के काले कारनामों की फाइल सामने आने के बाद पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है. इन फाइलों ने पूरी दुनिया में कई लोगों की पोल खोल कर रख दी है. उसकी मौत के बाद भी उसके काले कारनामें लोगों को हैरान कर रहे हैं.
वहीं, अब एपस्टीन फाइल में पाकिस्तान को लेकर भी एक खुलासा हुआ है, जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. मिली जानकारी के अनुसार, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने एपस्टीन फाइलों से जुड़े कुछ ईमेल्स का पर्दाफाश किया है.
बता दे कि US जस्टिस डिपार्टमेंट के खुलासों की नई लिस्ट में 2014 का एक ईमेल अब फिर से सामने आया है. फाइलों में EFTA01924609 नाम से पहचाने गए इस डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशन, तालिबान के अंदरूनी बंटवारे और US इंटेलिजेंस की स्थिति के बारे में एक डिटेल्ड जियोपॉलिटिकल ब्रीफिंग 2014 में एपस्टीन को भेजी गई थी.
उस समय तक एपस्टीन 2008 में फ्लोरिडा में सजा मिलने के बाद पहले से ही एक रजिस्टर्ड सेक्स ऑफेंडर था. खबर है कि यह ईमेल तेर्जे रोड-लार्सन ने भेजा था, जो UN के पूर्व दूत और इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) के प्रेसिडेंट थे. रोड-लार्सन को ओस्लो समझौते और बाद में इंटरनेशनल डिप्लोमैटिक पहलों को आसान बनाने में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है.
ईमेल में क्या था?
इस ब्रीफिंग में नॉर्थ वजीरिस्तान में तालिबान ग्रुप और उइगर मिलिटेंट्स को टारगेट करने वाले पाकिस्तानी मिलिट्री के ‘स्ट्राइक्स प्लस’ ऑपरेशन्स का जिक्र था, जो कथित तौर पर चीन के कहने पर किए गए थे. इसमें तालिबान के अंदरूनी विद्रोहों का भी जिक्र था, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस सर्विसेज से प्रभावित थे.
खास बात यह है कि ईमेल में बताया गया था कि CIA ने दिसंबर 2013 से ड्रोन हमले रोक दिए हैं और व्हाइट हाउस ने ऐलान किया है कि US इंटेलिजेंस अब जासूसी के लिए वैक्सीनेशन कैंपेन का इस्तेमाल कवर के तौर पर नहीं करेगी. खबर है कि तालिबान ने दोनों डेवलपमेंट को जीत के तौर पर देखा और ब्रीफिंग में कहा गया कि इससे ट्राइबल इलाकों में पोलियो वैक्सीनेशन की कोशिशों में इनडायरेक्टली सुधार हो सकता है.
मैसेज में IPI कॉन्टैक्ट्स और पाकिस्तान आर्मी के बीच पोलियो ड्रॉप के इंतजाम के बारे में भी बात हुई.
फाइनेंशियल और पॉलिटिकल लिंक
फरवरी 2014 के अलग लेटर में कथित तौर पर एपस्टीन के एक असिस्टेंट को IPI से जुड़ी एक मंगोलियन एडवाइजरी मीटिंग से जुड़े $100,000 के ट्रांसफर के लिए इंस्ट्रक्शन देते हुए दिखाया गया था. केविन रड, लैरी समर्स और एहुद बराक जैसे जाने-माने इंटरनेशनल लोग उस समय के एडवाइजरी इनिशिएटिव से जुड़े थे.
इस ईमेल के दोबारा सामने आने से इस बात पर बहस फिर से शुरू हो गई है कि एपस्टीन, जिसकी 2019 में फेडरल सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में ट्रायल का इंतजार करते हुए मौत हो गई थी, ने सेंसिटिव डिप्लोमैटिक बातचीत और एलीट पॉलिसी नेटवर्क तक कैसे अपनी पहुंच बनाए रखी थी.
जस्टिस डिपार्टमेंट ने पब्लिकली ईमेल को क्लासिफाइड मटीरियल नहीं बताया है और इस बात की कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं है कि यह जानकारी CIA जैसी इंटेलिजेंस एजेंसियों से सामने आई है.
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