जापानी बाबा वेंगा की कौन सी भविष्यवाणी सबसे पहले हुई थी सच? पहली प्रीडिक्शन में गईं थीं 18 हजार जानें

Japanese Baba Vanga First prediction truth: कोरोना काल के बाद जापानी बाबा वेंगा की एक और भविष्यवाणी सच होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर उनके नाम को सर्च कर रहे हैं। जापान में भयानक प्राकृतिक आपदा की भविष्यवाणी उन्होंने पहले ही कर दी थी, ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक, जापान आने वाले पर्यटकों की संख्या पर भी इस भविष्यवाणी का नेगेटिव असर देखा गया।

Japanese Baba Vanga Ryo Tatsuki, Earthquake, Tsunami।

जापानी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी ने दुनिया में मचाई हलचल।

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Japanese Baba Vanga First prediction truth: जापान की रियो तात्सुकी ‘बाबा वेंगा’ के नाम से मशहूर हैं और उनके बारे में दावा है कि उनकी भविष्यवाणियां स्टीक साबित हुई हैं। हालांकि इनका प्रमाण नहीं मिलता। रियो तात्सुकी अपनी किताब The Future I Saw के अनुसार प्रीडिक्शन के लिए जानी जाती हैं। दावा है कि कोरोना महामारी जैसी आपदा की भविष्यवाणी उन्होंने पहले ही कर दी थी। हालांकि इसका कोई साइंटिफिक प्रमाण नहीं है।

उनकी प्रीडिक्शन किताब पर आधारित है। कई विशेषज्ञ इन्हें संयोग या सामान्य अनुमान मानते हैं। उन्होंने ही जुलाई में जापान में भूकंप और सुनामी की भविष्यवाणी की थी। जापान में जब-जब तगड़े भूकंप के झटके महसूस किए गए, लोग उनकी भविष्यवाणी को लेकर सच होता मान रहे थे।

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क्या उनकी भविष्यवाणियों में कोई सच्चाई है?

रियो तात्सुकी के बारे में सोशल मीडिया पर खबरें वायरल होती रही हैं। TikTok, Telegram उनकी भयानक भविष्यवाणियों से भरा पड़ा है। दावा किया गया है कि 2011 में चाहे तोहोकू भूकंप और सुनामी हो, जिसमें 18 हजार से अधिक मौते हुईं, 1995 में कोबे में आया भूकंप हो या फिर 2020 में जानलेवा वायरस फैलने की बात हो, जिसे कोरोना से जोड़ा गया। इन्होंने ही फुकुशिमा आपदा और यूक्रेन-रूस संघर्ष के बारे में भी भविष्यवाणियां की थीं। इनमें से अधिकांश विवरण वास्तविक हैं।

पहली भविष्यवाणी जो हुई सच

साल 2011 में जापान के इतिहास में सबसे विनाशकारी भूकंप को ग्रेट ईस्ट जापान भूकंप के नाम से भी जाना जाता है। 11 मार्च को आए रिक्टर पैमाने पर करीब 9 तीव्रता के भूकंप को जापान में सबसे शक्तिशाली माना गया। इस भूकंप का केंद्र जापान के तोहोकू क्षेत्र के पूर्वी तट से लगभग 70 किमी दूर प्रशांत महासागर में इसका केंद्र था, जहां 40.5 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें उत्पन्न हुईं जो तटीय क्षेत्रों में 10 किमी तक अंदर घुसीं। इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 18,500 लोग मारे गए या लापता हुए, जिनमें से अधिकांश सुनामी के कारण मरे।

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कोविड या कोरोना का जिक्र नहीं किया

कोरोना वायरस को लेकर बाबा वेंगा की पुरानी भविष्यवाणियां काफी हद तक ही सच हुई हैं। जापान की बाबा वेंगा ने हालांकि कोविड या कोरोना का जिक्र नहीं किया था, लेकिन उसे उखतरनाक बीमारी से जोड़कर देखा गया। हालांकि बाबा वेंगा ने बीमारी के फिर से लौटने की बात कही थी। बीमारी 2025 में फिर से लौटी तो जरूर, लेकिन इसके केस पहले की तरह जानलेवा नहीं है। डॉक्टरों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना के बढ़ते केसों से घबराने की जरूरत नहीं है। कुल मिलाकर बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों पर विश्वास केवल आस्था पर निर्भर है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इन्हें पूरी तरह सच नहीं माना जा सकता।

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कोरोना आया 2019 में, भविष्यणवाणी 2020 की थी

बाबा वेंगा ने 21वीं सदी की शुरुआत में भविष्यवाणी की थी कि कोई घातक बीमारी या अज्ञात वायरस दुनिया में फैलेगा जो बड़े पैमाने पर लोगों को प्रभावित करेगा। कोरोना वायरस भले ही सितंबर-अक्तूबर 2019 में आया, इसलिए इसे कोविड 19 नाम दिया गया, लेकिन दिसंबर 2019 में चीन और आसपास के देशों में इसके केस बढ़े, भारत में इसकी एंट्री 2020 की शुरुआत में हुई। मार्च-अप्रैल में केस अचानक तेजी से बढ़े और वैश्विक महामारी बन गई। लाखों लोगों की जान गई। लॉकडाउन लगा तो लोगों ने इस आपदा को बाबा वेंगा की भविष्यणवाणी से जोड़ दिया।

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फिर से लौटने पर क्या हुआ दावा, जो आधा सच

रयो तात्सुकी की किताब द फ्यूचर ऐज़ आई सी इट में एक दावा यह भी था कि 2020 का अज्ञात वायरस फिर से और शक्तिशाली होकर लौटेगा, जबकि 2025 में कोरोना के केस फिर से जरूर बढ़ने लगे हैं, लेकिन इसमें शक्तिशाली होने जैसा कुछ नहीं है। हालांकि बीमारी दोबारा लौटी है तो लोग इसे उनकी सटीक भविष्यवाणी मानते हैं। हालांकि संबंधित भविष्यवाणी में वायरस का नाम समेत कई तथ्य अस्पष्ट हैं, इसलिए इसे पूरी तरह सच मानना सही नहीं है।

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