जापान के प्रधानमंत्री इशिबा शिगेरू ने अपना पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपना पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिगेरू इशिबा ने यह फैसला सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) में विभाजन को रोकने के लिए लिया है।
कौन हैं इशिबा शिगेरू?
शिगेरू इशिबा जापान के 102वें प्रधानमंत्री हैं। इशिबा का राजनीतिक कैरियर 1989 में हुआ था, जब वे पहली बार चुनाव जीते थे। 4 फरवरी 1957 को इशिबा का जन्म जापान के तोत्तोरी प्रान्त के गवर्नर के यहां हुआ था। उनके पिता इशिबा जीरो तोत्तोरी प्रान्त के राज्यपाल और पार्षद सदन के सदस्य रह चुके थे।
बैंक में किया काम और फिर…
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद इशिबा अकेले ही केयो सीनियर हाई स्कूल में पढ़ने के लिए टोक्यो चले गए। ग्रेजुएशन के बाद इशिबा ने मित्सुई बैंक (अब सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन) के साथ काम करने लगे। इस दौरान वह साइकिल से क्षेत्र में व्यापारियों के बीच भ्रमण के लिए भी खूब प्रसिद्ध हुए और लोगों के बीच पैठ बनाई थी।
पिता के निधन के बाद राजनीति में एंट्री
1981 में इशिबा के पिता का निधन हो गया। उनके पिता इशिबा जीरो के पूर्व प्रधानमंत्री तनाका काकुई के साथ घनिष्ठ संबंध थे,उन्होंने इशिबा को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया और फिर इशिबा ने बैंक की नौकरी छोड़कर राजनीति में शामिल हो गए। 1986 में तोत्तोरी निर्वाचन क्षेत्र से प्रतिनिधि सभा के चुनाव में भाग लिया और 29 वर्ष की आयु में पहली बार चुनाव जीते। वे उस समय देश के सबसे युवा सदस्य थे, जो सभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने कुछ समय के लिए लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) छोड़ दी थी। अन्य पार्टियों से होते हुए उन्होंने एक बार फिर लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ज्वाइन कर ली।
2002 में मिली बड़ी जिम्मेदारी
1997 में जब इशिबा एलडीपी में शामिल हुए तो साल 2002 में उन्हें रक्षा एजेंसी के महानिदेशक के रूप में पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया। बाद में उन्होंने जापान के रक्षा मंत्री और कृषि, मत्स्य पालन मंत्री जैसे पदों पर कार्य किया। साल 2008 और साल 2012 में उन्होंने एलडीपी नेतृत्व चुनावों में भाग लिया। हालांकि उन्हें कामयाबी नहीं मिली।
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साल 2018 में उन्होंने ईमानदारी और निष्पक्षता के नारे के साथ इशिबा चुनाव में उतरे। उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और 45% वोट हासिल किया। पूर्व प्रधानमंत्री एबीई शिंजो 2020 में उन्होंने चौथा प्रयास किया। इसके बाद साल 2024 में आखिरकार उन्हें सफलता मिली और 1 अक्टूबर, 2024 को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। इशिबा को रिकॉर्ड नौ उम्मीदवारों में से पार्टी नेता चुना गया और बाद में उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
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