इजरायल लेबनान से लगी उत्तरी सीमा पर सबसे बड़े शहरों में एक किर्यत शमोना से 20 हजार निवासियों को निकालेगा। इजरायल युद्ध के दौरान सुरक्षा करणों के चलते यह कदम उठाने जा रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर की खबर के अनुशार इजराइल ने शुक्रवार को यह बात कही है। किर्यत शमोना और आसपास के सीमा क्षेत्र में एक दिन पहले भारी गोलीबारी हुई थी। इसके बाद यह कदम उठाया गया था। इजरायल ने पहले ही सीमा से सटे कुछ क्षेत्रों को क्लोज्ड मिलिट्री जोन घोषित कर दिया है। इससे वहां के निवासियों को दूर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। लेकिन अब पूर्वी गैलील क्षेत्र की हरी-भरी पहाड़ियों से सबसे बड़ी निकासी हो रही है। लेबनान की सेना के अनुसार गुरुवार को किर्यत शमोना के सीमा पार एक क्षेत्र में इजरायली गोलीबारी में एक पत्रकार की मौत हो चुकी है। इस क्षेत्र में इजरायली सेना और लेबनान के ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ग्रुप के बीच एक-दूसरे पर भारी गोलीबारी की गई है।
ऊपरी गलील के लोगों को सुरक्षित स्थानों में जाने के आदेश
इजराइल के ऊपरी गलील क्षेत्र में मोशाव मार्गालियट में एक सुरक्षा घटना के कारण, पास के मनारा, मशगाव अम और केफ़र गिलादी शहरों के निवासियों को संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश करने का निर्देश दिया गया है। इजराइल के विदेश मामलों के मंत्री एली कोहेन और उन देशों के 22 राजदूतों और राजनयिकों ने जिनके नागरिकों का अपहरण कर लिया गया है। अपहृत लोगों की तत्काल रिहाई और अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस की यात्राओं की अनुमति देने का आह्वान किया है।
कोहेन ने कहा कि अपहृत लोगों की रिहाई इज़रायल की “सर्वोच्च प्राथमिकता” है। इज़रायली सेना ने गुरुवार को कहा कि गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए लगभग 200 बंधकों में से लगभग 30 बच्चे हैं। इजरायली सेना के एक बयान में कहा गया है कि दस से अधिक लोग 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, अधिकारियों को 100 से अधिक लापता इजरायलियों के स्थान के बारे में कोई जानकारी नहीं है।