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ईरान को तगड़ा झटका, आंदोलन के बीच जीरो हुई रियाल की कीमत, अब 27 देशों में नहीं चलेगी करेंसी

Iran Currency Rial Value: अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे आंदोलन का नुकसान ईरान की जनता के साथ-साथ करेंसी को भी उठाना पड़ा है, क्योंकि ईरान की करेंसी की वैल्यू जीरो हो गई है. ऐसे में अब यूरोपीय देशों समेत 27 देश ईरान की करेंसी में व्यापार नहीं कर पाएंगे.

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ईरान की करेंसी की गिरती कीमत के चलते ही देश में आर्थिक संकट गहराया है.

Iran Currency Value Zero: हिंसक आंदोलन के बीच ईरान को 2 बड़े झटके लगे हैं. एक तो ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका ने अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिसका नुकसान ईरान को व्यापारिक स्तर पर उठाना पड़ेगा, दूसरी ओर ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू जीरो हो गई है, जिसके चलते अब ईरान की करेंगी रियाल दुनियाभर के 27 देशों में नई चलेगी.

यह भी पढ़ें: ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम, ईरान के साथ व्यापार करने वाले देश अमेरिका को देंगे 25% अतिरिक्त टैक्स

भारत-अमेरिका में इतनी है रियाल की कीमत

करेंसी की वैल्यू जीरो होने का नुकसान ईरान खासकर यूरोप के देशों में उठाना पड़ेगा, जो ईरान के साथ कई प्रकार के आयात-निर्यात करते हैं. साथ ही तेल व्यापार भी करते हैं. ऐसे में अब यूरोपीय देशों में ईरानी करेंसी रियाल एक्सचेंज नहीं होगी. रियाल की कीमत भारतीय मुद्रा के मुकाबले 0.000091 पैसे रह गई है. वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की कीमत 0.0000010 सेंट है.

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जरूरत की चीजें नहीं खरीद पा रहे ईरानी लोग

ईरानी करेंगी की कीमत यूरो के मुकाबले शून्य हो गई है. इसलिए ईरान को अपनी करेंसी का नुकसान यूरोप में ज्यादा उठाना पड़ेगा. इसके अलावा ईरान जिस आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा है, उस बीच ईरान में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी नहीं खरीद रहा है. महंगाई से तंग आकर ही खामेनेई की सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोला है.

यह भी पढ़ें: खामेनेई की मुश्किलें बढ़ाएंगे ट्रंप, एलन मस्क के जरिए प्रदर्शनकारियों तक इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी में

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1979 के बाद छिड़ा ईरान में सबसे बड़ा आंदोलन

बता दें कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद पहली बार ईरान के लोगों ने देश की धार्मिक व्यवस्था को खुली चुनौती दी है. ईरान में इंटरनेट बंद होने के बावजूद हजारों लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं और अली खामेनेई सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं. 11 जनवरी को अमेरिका के लॉस एंजेलिस में फ्री ईरान रैली निकाली गई थी. राष्ट्रपति ट्रंप भी ईरान पर एयर स्ट्राइक की धमकी दे दी है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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