ईरान ने बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग है. सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ के मुताबिक, यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेहरान के साथ दो हफ्ते के संघर्ष-विराम की घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय के भीतर उठाया गया है.
ईरान ने कहा कि होर्मुज में टैंकरों की आवाजाही “पूरी तरह से रुक जाएगी”. ईरान ने इसके लिए इजरायल द्वारा संघर्ष-विराम के उल्लंघन का हवाला दिया है. इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए थे, जिनमें 250 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी.
व्हाइट हाउस ने ईरान से मांग की है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत फिर से खोल दे. होर्मुज को बंद करने से पहले, दो जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में ईरान ने अपना फैसला बदल दिया.
इजरायल के अनुसार, लेबनान संघर्ष-विराम समझौते का हिस्सा नहीं है; ईरान ने इस बयान पर असहमति जताई है. तेहरान ने संघर्ष-विराम के तहत, हमलों को पूरी तरह से रोकने की मांग की है, जिसमें इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह और ईरान-समर्थित अन्य मिलिशिया को निशाना बनाना भी शामिल है.
ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने “लेबनान के खिलाफ जायोनी आक्रामकता” के चलते होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की मांग की, और कहा कि संघर्ष-विराम सभी पर लागू होना चाहिए.
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने X पर लिखा, ‘लेबनान के खिलाफ जायोनी आक्रामकता के जवाब में, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को अभी रोक दिया जाना चाहिए. लेबनानी लोगों ने हमारे लिए अपनी जान कुर्बान की है और हमें उन्हें एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. संघर्ष-विराम या तो सभी मोर्चों पर हो, या फिर किसी भी मोर्चे पर न हो.’
इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि दो हफ्ते के सीजफायर के लिए ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोलना होगा, लेकिन ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि ‘वॉशिंगटन ने सैद्धांतिक रूप से इस अहम जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण जारी रखने की बात मान ली है.’
एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने संकेत दिया कि तेहरान से उम्मीद है कि वह 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से पहले, गुरुवार या शुक्रवार तक अपनी नाकेबंदी में ढील देगा, हालांकि जहाजों को इस स्ट्रेट से गुजरने के लिए अभी भी ईरान की अनुमति लेनी होगी.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो ईरान और ओमान/UAE के बीच एक संकरा शिपिंग गलियारा है, फारसी खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया की रोजाना की तेल और LNG सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा इसी से होकर गुजरता है.
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