हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

शेख हसीना की अवामी लीग को बड़ा झटका, अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश चुनाव में पार्टी पर लगाया बैन

अंतरिम सरकार का ये फैसला बांग्लादेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है, और हसीना की चेतावनी से साफ है कि नई सरकार को नैतिक वैधता की कमी झेलनी पड़ सकती है. चुनावी जंग अब और कड़ी हो गई है, जहां लाखों वोटरों का भविष्य दांव पर लटका हुआ है.

विज्ञापन

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने साफ कर दिया कि शेख हसीना की अवामी लीग फरवरी 2026 के संसदीय चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाएगी, क्योंकि पार्टी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है और चुनाव आयोग ने इसका पंजीकरण रद्द कर दिया है. चीफ एडवाइजर के प्रेस सेक्रेटरी शफीकुल आलम ने बुधवार को एडवाइजरी काउंसिल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिकी सांसदों के खत का तो उन्हें पता ही नहीं, लेकिन सरकार का स्टैंड क्लियर है- अवामी लीग की कोई एक्टिविटी नहीं चलेगी.

मई में गृह मंत्रालय ने एंटी-टेररिज्म ऑर्डिनेंस के तहत गजट नोटिफिकेशन जारी कर पार्टी और उसके सभी सहयोगी संगठनों पर बैन ठोक दिया था, जो इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के ट्रायल खत्म होने तक लागू रहेगा. लीग के नेता अभी ट्रिब्यूनल में मुकदमे झेल रहे हैं, जबकि जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन से हसीना की सरकार गिरने के एक साल बाद चुनाव हो रहे हैं. हसीना ने विदेश से तीखा हमला बोला कि बिना अवामी लीग के चुनाव कोई चुनाव नहीं, बल्कि ताजपोशी होगी, क्योंकि उनकी पार्टी नौ बार जनता के वोट से चुनी गई.

यह भी पढ़ें: आज दुनिया होगी खत्म! घाना में समुद्र किनारे क्यों जुटे हजारों लोग? Eboh Noah की भविष्यवाणी से डरे लोग

विज्ञापन

उन्होंने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर तंज कसा कि बिना एक भी वोट के शासन कर रहे हैं और अब लोकप्रिय पार्टी को बैन कर करोड़ों को वोटिंग का हक छीन रहे हैं, जो राष्ट्रीय सुलह की राह में बड़ा रोड़ा है. इतिहास गवाह है कि जब बांग्लादेशी अपनी पसंदीदा पार्टी को वोट न दे सकें, तो वे बूथ पर ही नहीं जाते. राजनीतिक तनाव चरम पर है, जहां बीएनपी और जमात जैसी पार्टियां मैदान संभाल रही हैं, लेकिन अवामी लीग का बाहर होना पूरे सियासी समीकरण बदल देगा.

अंतरिम सरकार का ये फैसला बांग्लादेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है, और हसीना की चेतावनी से साफ है कि नई सरकार को नैतिक वैधता की कमी झेलनी पड़ सकती है. चुनावी जंग अब और कड़ी हो गई है, जहां लाखों वोटरों का भविष्य दांव पर लटका हुआ है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने क्यों छोड़ा था बांग्लादेश, 17 साल से क्या कर रहे थे लंदन में

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola