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फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी, मैक्रों सरकार की आज प्रोटेस्ट पर रोक, पढ़ें 2 अपडेट

फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शनों की आग पूरे यूरोप में फैल गई है, जिससे भारतीयों को खतरा हो सकता है. इसलिए फ्रांस में भारतीय एंबेसी ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसका सख्ती से पालन करने की नसीहत भारतीयों को दी गई है.

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फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए खतरा पैदा हो सकता है. (Credit-ANI)

फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला किया है. फ्रांस में भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी में भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे भीड़ और विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों में जाने से बचें. भारतीयों से सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की है. फ्रांस सरकार की ओर से लगाए गए कर्फ्यू और जारी किए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है. आपात स्थिति में भारतीय नागरिक पेरिस में बने भारतीय दूतावास के दफ्तर में +33 6 48 34 00 63 और cons.paris@mea.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं.

प्रदर्शनों के खिलाफ फ्रांस सरकार का फैसला

बता दें कि फ्रांस की इमैनुअल मैक्रों सरकार ने राजधानी पेरिस में आज यानी गुरुवार को होने विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. पेरिस पुलिस ने सरकार के फैसले का ऐलान किया, क्योंकि फ्रांस सरकार विरोध प्रदर्शनों की नई लहर से खुद निपटने की तैयारी में है. आज विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध सुबह 8 बजे से लागू होगा और रात के 8 बजे तक प्रभावी रहेगा. पेरिस के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों एलिसी राष्ट्रपति महल और संसद के दोनों सदन में प्रतिबंध सख्ती से लागू करने के आदेश सरकार ने पुलिस को दिए हैं. लूवर म्यूजियम और चैंप्स-एलिसीस के पास भी विरोध प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से रोक रहेगी. सरकार ने प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है.

गुरुवार और शनिवार को प्रदर्शनों का ऐलान

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा कि बेशक आज से पेरिस में विरोध प्रदर्शनों और जनसभाओं पर रोक रहेगी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कमियां भी हैं, जो हिंसा को होने से नहीं रोक सकीं. कर्फ्यू लगाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई है और मुख्य छात्र संगठन UNEF ने नए विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया है. येलो वेस्ट आंदोलन करने वालों ने भी ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है. सरकार ने ट्रेड यूनियनों से भी बातचीत की है. क्योंकि ट्रेड यूनियन 5 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं. देखा जाए तो एक संगठन के प्रदर्शनों की आड़ में सभी विरोधी गुट प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं, जो देश के लिए सही नहीं है.

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फ्रांस में क्यों हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन?

बता दें कि फ्रांस में छात्र और उनके अभिभावक बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और अब इन विरोध प्रदर्शनों की आग पूरे यूरोप में फैलने लगी है. फ्रांस की राजधानी पेरिस के साथ-साथ मार्से और लियोन जैसे शहरों में लूटपाट, आगजनी और पुलिस के साथ झड़पों की संख्या बढ़ गई है. पिछले कई हफ्तों से छात्र और उनके पैरेंट्स सड़कों पर हैं और बढ़ती फीस, स्कूलों में अव्यवस्थाओं, सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष जताते हुए मैक्रों सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब तक हुई हिंसा और आगजनी से लोगों के बिजनेस ठप हो गए हैं. दुकानों शोरूम में खूब लूटपाट मची है. सार्वजनिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है और सरकार को अरबों का नुकसान हो चुका है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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