संयुक्त राष्ट्र (UN) के 81वां सेशन में भारत ने पाकिस्तान की एक बार फिर तसल्ली से धज्जियां उड़ाई हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में भारत-पाक तनाव, ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान का पक्ष रखा. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के मामले में डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप की तारीफ की और पानी के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी. लेकिन उनके भाषण का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने करारा पलटवार किया और पाकिस्तान को सेना का सेना के द्वारा, सेना के लिए शासन करने वाला देश बताया. उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर निशाना साधा.
शहबाज शरीफ सरकार को सेना की कठपुतली बताया
पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान दोगला देश है, सामने कुछ और होता है और पीठ पीछे कुछ और होता है. दिन में सुरक्षा की बात करता है और रात में आतंक फैलाता है. पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार सेना और असीम मुनीर के हाथों की कठपुतली है. अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 9/11 के आतंकी हमले कराने वाला लादेन पाकिस्तान के पास था और पाकिस्तान की सैन्य एकेडमी के पास रहता था, लेकिन पाकिस्तान ने न सिर्फ ओसामा बिन लादेन को पनाह, सरंक्षण और छिपने में मदद की, बल्कि उसका सम्मान भी किया. पाकिस्तान के आतंकी देश होने का इससे बड़ा सबूत और क्या होता है. पाकिस्तान आतंकी का गढ़ और आतंकियों का घर है.
9/11 हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया
पेटल गहलोत ने कहा कि महासभा ने पाकिस्तानी प्रतिनिधि की टिप्पणियां अजीब थीं. अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हाल ही में दुनिया के सबसे भयानक 9/11 के आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई गई और पाकिस्तान कह रहा है कि दुनिया उसे आतंकी देश कहती है, जो सरासर झूठ और बेबुनियाद है. जबकि पूरी दुनिया जानती है कि 9/11 आतंकी हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में ही छिपा था और अमेरिका की सेना ने पाकिस्तान में घुसकर ही लादेन को ढेर किया था. आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि खुद को बेचारा और त्रस्त दिखा रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के लोग ही शहबाज शरीफ की सरकार पर फरवरी 2024 के चुनाव में गड़बड़ियों के चलते ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं.
अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर भी जमकर धोया
पेटल गहलोत ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर पाखंडी देश उपदेश सुना रहा है, जबकि यह देश अपने ही लोगों का नहीं है, क्योंकि सरकार सेना की कठपुतली है. महासभा में धार्मिक असहिष्णुता को लेकर वे लोग बात कर हैं, जिनका आधार ईशनिंदा कानून हैं. दुनिया ने देखा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है? कोई पवित्र उपदेश उसे नकार नहीं सकता और न दुनिया को गुमराह कर सकता है. केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और हमेशा रहेगा. पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के लोगों से पाक सेना के द्वारा की गई हत्याओं, क्रूर हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के बारे में पूछिए.