Maldives President Muizzu India Visit Plan: भारत और मालदीव में चल रहे विवाद के बीच राहत भरी खबर आई है। मालदीव की ओर से रिश्तों को सामान्य करने की पहल की गई है। सूत्रों के मुताबिक, मालदीव ने भारत सरकार को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू की भारत यात्रा का कार्यक्रम भेजा है। वे जनवरी के आखिर में भारत आ सकते हैं। हालांकि Muizzu चीन समर्थक माने जाते हैं। भारत से तनाव के बीच भी वे चीन की 5 दिवसीय यात्रा पर हैं, लेकिन मालदीव के भारत के साथ भी अच्छे संबंध हैं। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करने वाली अपनी मंत्री को निलंबित कर दिया है, लेकिन भारतीय इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। इसलिए मुइज्जू खुद भारत आकर संबंधों को सामान्य करना चाहते हैं।
मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री ने भारत को संकट का साथी बताया
भारत के साथ विवाद में मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी भी कूद गई हैं। उन्होंने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत 911 कॉल जैसे है। वह देश जरूरत पड़ने के समय हमेशा मालदीवके साथ खड़ा रहता है। भारत ने आज तक मालदीव की हरसंभव मदद की है। भारत हमेशा से ही मालदीव का संकट का साथी रहा है। डेफेंस हो या कोई दूसरा सेक्टर भारत ने हमेशा मालदीव को सहयोग किया है। ऐसे में मित्र देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना ठीक नहीं है। विवाद को तरीके से न सुलझाना मालदीव सरकार और राष्ट्रपति मुइज्जू की अदूरदर्शिता है। इस विवाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते कमजोर ही होंगे।
मुइजजू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी
दूसरी तरफ विवाद के चलते भारत और मालदीव के रिश्ते बिगड़ने से विपक्षी भड़क गया है। विपक्ष नेता अली अजीम ने मुइज्जू सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है। साथ ही सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों से भी अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में आने को कहा है। अली अजीम का कहना है कि मालदीव सरकार की मंत्री शिउना को भारत के प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने जो पोस्ट लिखी वह अपने देशवासियों के लिए लिखी, न कि मालदीव के खिलाफ लिखी। ऊपर से शिउना को अन्य नेताओं-मंत्रियों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। यह राजनीति ठीक नहीं है। इससे दोनों देशों के संबंध बिगड़ेंगे। इससे पहले की विवाद बढ़े, मुइज्जू को पद से हटा देना चाहिए।