India China Trade Update: भारत और चीन के बाद ट्रेड को लेकर नया अपडेट आया है। दोनों देशों ने 6 साल से तालाबंद उत्तराखंड के लिपुलेख बॉर्डर को खोलने का फैसला किया है। साल 2020 में कोरोना महामारी और गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष के बाद इस रास्ते से व्यापार बंद करके बॉर्डर को बंद कर दिया गया था, लेकिन सदियों पुराना यह रास्ता अब एक बार फिर खुलने जा रहा है। जून महीने में इस बॉर्डर के खुलने और उसके बाद भारत-चीन व्यापार शुरू होने की भी उम्मीद है।
पिथौरागढ़ प्रशासन को बॉर्डर खोलने का आदेश मिला
बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने लिपुलेख बॉर्डर को खोलने और इसके रास्ते चीन से व्यापार फिर शुरू करने के लिए पिथौरागढ़ प्रशासन को अधिसूचना जारी कर दी है। पिथौरागढ़ के DM एके भटगई ने सरकार के फैसले की पुष्टि की और बताया कि बॉर्डर खोलने की तैयारी के लिए उन्होंने मीटिंग भी बुलाई थी। लिपुलेख दर्रे के दक्षिणी हिस्से पर नेपाल हक जताता है। इसके कालापानी और लिंपियाधुरा पर कब्जे का दावा नेपाल करता रहा है, जबकि अंग्रेजों के समय से ही यह भारत का अभिन्न अंग है। तनाव कम करने के लिए इस रास्ते से व्यापार फिर शुरू करना जरूरी है।
1962 की जंग के बाद भी बॉर्डर बंद किया गया था
बता दें कि भारत और चीन के बीच हिमाचल के दर्रों के जरिए व्यापार सदियों पुराना है। 1962 के यद्ध के बाद लिपुलेख बॉर्डर बंद हुआ था, लेकिन 1992 में इसे फिर खोल दिया गया, जिसके बाद 2019 तक इस रास्ते से व्यापार हुआ। 2020 में एक और कोरोना महामारी, दूसरी ओर गलवार घाटी में भारत-चीन सैनिकों का टकराव इसके बंद होने का कारण बना। तब भारत नहीं चाहता था कि इस रास्ते से कोरोना महामारी भारत में आए, लेकिन अब व्यापारी इस रूट को खोलने की मांग कर रहे थे। वहीं इस रास्ते से कैलाश मानसरोवर की यात्रा 5 साल बाद पिछले साहल ही शुरू की गई थी।
भारत-चीन के बीच क्या-क्या चीजें आयात-निर्यात?
पिथौरागढ़ के DM भटगई के अनुसार, जून से सितंबर महीने के बाद इस रास्ते से चीन के साथ व्यापार होता है। चीन से ऊन, पश्मीना, नमक, बोरेक्स, रेशम और याक से जुड़े उत्पाद भारत में आयात होते हैं। वहीं निर्यात में कपड़ा, मसाले, आटा, सूखे मेवे, सब्जियां और कृषि उपकरण शामिल हैं। पिछली बार इस रास्ते से भारत-चीन के बीच करीब 1.25 करोड़ रुपये का निर्यात और 1.90 करोड़ रुपये का आयात हुआ था। इस साल ज्यादा व्यापार हो सकता है, क्योंकि अब यहां रोड बन चुकी है। पहले इस रास्ते से खच्चरों और भेड़ों के जरिए व्यापार होता था, लेकिन अब रोड ट्रांसपोर्ट होगा।
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बॉर्ड खोलने के लिए उत्तराखंड सरकार की तैयारी?
केंद्र और प्रदेश सरकार ने निर्देश दिए हैं कि चीन के साथ व्यापार फिर से शुरू होने से पहले बॉर्डर से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। ट्रेड पास जारी करना, बैंकिंग सुविधा, कस्टम तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और आवागमन इसमें शामिल है। 265 व्यापारियों को पिछली बार ट्रेड पास मिले थे, इस बार इनकी संख्या ज्याददा हो सकती है। भारतीय स्टेट बैंक के जरिए कैश और मुद्रा विनिमय होगा। सीमा शुल्क विभाग कस्टम स्टाफ तैनात करेगा।
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