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'गुजरने की कोशिश की तो…', जंग के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से खोलने की रखी शर्त

मिडिल ईस्ट युद्ध में सबसे ज्यादा समस्या होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से हो रही है। इससे कतर और एशियाई देशों की बीच होने वाली सप्लाई पर काफी असर पड़ा है। इसी बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा फैसला लिया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में जंग का असर एशियाई देशों पर भी होने लगा है। इसका सबसे बड़ा कारण है होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होना। इसी रास्ते खाड़ी देशों से एलपीजी और कच्चे तेल की सप्लाई भारत समेत अन्य एशियाई देशों में होती है। सभी का प्रयास है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोल दे। अब ईरान ने इस पर अपना रुख साफ किया है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) नौसेना बल के कमांडर ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को ईरान की अनुमति प्राप्त करनी होगी। अन्यथा, वह ईरानी हमलों का निशाना बन सकता है। रियर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसिरी ने कहा कि बुधवार को जलडमरूमध्य में उन दो जहाजों को निशाना बनाया गया जिन्होंने ईरान की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था।

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ईरानी जनरल ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि क्या जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग का आश्वासन दिया गया था? यह सवाल एक्सप्रेस रोम और मयूरी नारी नामक जहाजों के चालक दल से पूछा जाना चाहिए, जिन्होंने आज खोखले वादों पर भरोसा करते हुए चेतावनियों को नजरअंदाज किया और जलडमरूमध्य को पार करने का इरादा किया, लेकिन पकड़े गए। किसी भी जहाज को जो वहां से गुजरना चाहता है, उसे ईरान से अनुमति लेनी होगी।

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी हमलों के मद्देनजर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध और कड़ा कर दिया है। ईरान का कहना है कि जो जहाज अमेरिका और इज़राइल के हितों की सेवा नहीं करते, वे सुरक्षित रूप से वहां से गुजर सकते हैं।

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ईरान और ओमान को अलग करने वाले संकरे जलमार्ग से प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल का परिवहन होता है। यह मात्रा वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। विश्व की द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। जब यह प्रवाह थोड़े समय के लिए भी बाधित होता है, तो इसके गंभीर परिणाम विश्व भर के वित्तीय बाजारों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और घरेलू बजटों पर पड़ते हैं।

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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