Houthi Rebels Attack On Saudi: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ 6 सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी ली है. इन हमलों में अहम ऑयल फैसिलिटीज, एक हवाई अड्डे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ये दावे यमन संघर्ष में आई भारी तेजी के बीच सामने आए हैं. हूती समूह ने सऊदी बलों पर घातक हवाई हमले करने का आरोप लगाया है, जिनमें कथित तौर पर कम से कम 33 लोग मारे गए हैं. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने बताया कि इन जवाबी अभियानों में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
रियाद हवाई अड्डा और अरामको बना निशाना
याह्या सरी के मुताबिक पहले अभियान में रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ-साथ सऊदी राजधानी में अरामको की तेल भंडारण सुविधाओं और एक डिस्टिलेशन टावर को निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि इस मिशन ने अपने मकसद को हासिल कर लिया है.
दूसरे कैंपेन में कथित तौर पर खुराइस में सऊदी की दिग्गज तेल कंपनी अरामको की ऑयल फैसिलिटी को निशाना बनाया गया, जबकि तीसरे अभियान में दावादमी इलाके में पंपिंग स्टेशन नंबर 8 को निशाना बनाया गया. बाकी 3 अभियानों में नजरां स्थित सऊदी नेशनल गार्ड के एक कैंप और यमन के मारिब तथा अल-जौफ क्षेत्रों में सऊदी सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया गया. सऊदी अधिकारियों ने इन हमलों से हुए नुकसान या हताहतों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.
सऊदी अरब का यमन पर पलटवार
एक अलग बयान में याह्या सरी ने सऊदी अरब पर आरोप लगाया कि उसने 24 घंटों के भीतर यमन के कई इलाकों में 105 हवाई हमले और मिसाइल हमले किए हैं. उन्होंने दावा किया कि इन बमबारी में सना, ताइज, सादा, मारिब और दूसरे इला को निशाना बनाया गया.हूती से जुड़े मीडिया ने बताया कि सना के पूर्व में अल-शरियाह में इमारतों पर हुए हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 33 लोग मारे गए हैं. साथ ही 39 अन्य लोगों के घायल होने की खबर है. सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
यमन संघर्ष और गहराया
इस बीच यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेनाओं ने दावा किया है कि उन्होंने उत्तरी मारिब क्षेत्र में हूती गुट की गतिविधियों को नाकाम कर दिया है और उनके मिलिट्री इक्विपमेंट को नष्ट कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक लड़ाई फिर से शुरू होने के बाद से 1600 से अधिक लोग मारे गए हैं और 3 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जो बढ़ते मानवीय संकट को बयां करता है.