Houthis Deny Targeting Mecca-Medina: यमन के हूती विद्रोहियों ने इस्लाम के पवित्र शहरों, मक्का और मदीना पर हमले करने से इनकार किया है. इससे पहले सऊदी अरब ने बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और कई जगहों पर उनके मलबे मिलने की जानकारी दी थी. सऊदी के सिविल डिफेंस ने बताया था कि इंटरसेप्ट गई 2 बैलिस्टिक मिसाइलों का मलबा मक्का और मदीना के इलाकों में गिरा. जेद्दा, ताइफ और राबिग के पास भी मिसाइल के टुकड़े मिलने की खबर है. सऊदी के अधिकारियों ने कई इलाकों में लोगों को चेतावनी जारी की और बाद में बताया कि तत्काल खतरा टल गया है. हूती विद्रोहियों का कहना है कि उनका निशाना ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री बेस है.
हूती विद्रोहियों का दावा
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उनके ग्रुप ने सऊदी अरब के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. इनमें रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यानबू में अरामको की एक फैसिलिटी, राबिग रिफाइनरी और ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन से जुड़े पंपिंग स्टेशन शामिल हैं. इसके अलावा दम्माम में किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नजरां का एयरपोर्ट और खमीस मुशैत का एयरबेस भी उनके निशाने पर थे.
सऊदी अधिकारियों ने कंफर्म किया है कि यानबू और ताइफ की ओर आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका गया. हालांकि ये साफ नहीं है कि दूसरे हमलों में मिसाइलें अपने तय लक्ष्यों तक पहुंचीं या नहीं. हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस, एयरोपोर्ट के कर्मचारियों और पैसेंजर्स को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है, क्योंकि उनके मुताबिक ये एक मिलिट्री टारगेट है.
अदन में भी मिसाइल हमलों की खबर
ये संघर्ष दक्षिणी यमन तक भी फैल गया है. वहां की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूती विद्रोहियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अदन में कोस्ट गार्ड के ठिकानों पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. अधिकारियों के मुताबिक 2 मिसाइलें कोस्ट गार्ड हेडक्वार्टर से टकराईं, जबकि एक मिसाइल तवाही जिले की एक इमारत पर गिरी. वहीं हूती का दावा कुछ अलग है; उनका कहना है कि उन्होंने शहर में सैन्य जमावड़े और नौसैनिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया था.
नाजुक सीजफायर पर नया संकट
हालिया तनाव ने उस शांति को खतरे में डाल दिया है, जो 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद कायम हुई थी. सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर हूती विद्रोहियों का कंट्रोल है. तेल के बुनियादी ढांचे और रणनीतिक शिपिंग मार्गों के पास होने वाले हमले, सऊदी अरब के एनर्जी एक्सपोर्ट और रेड सी से होकर गुजरने वाले व्यावसायिक यातायात के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं.
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