मिडिल ईस्ट में इस समय लगातार युद्ध जारी है. ईरान से लेकर इजरायल-अमेरिका इस युद्ध में शामिल हैं और लगातार एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. इजरायल-अमेरिका ने ईरान में कत्ले-आम मचा दिया है. इस युद्ध में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की भी मौत हो चुकी है. लेकिन अब इस युद्ध ने नया मोड़ ले लिया है. दरअसल, अब ईरान ने भी इजरायल-अमेरिका से बदला लेने की ठान ली है. अमेरिका-इजरायल के अटैक के सामने ईरान अब तक झुका नहीं है. वह भी लगातार अमेरिका और इजरायल को चोट दे रहा है. अब ईरान का साथ देने के लिए उसका पाला-पोसा साथी आ गया है. जी हां, ईरान का बनाया लड़ाकों का ग्रुप हिजबुल्लाह अब युद्ध के मैदान में आ गया है.

दरअसल, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बाद लेबनान का हिजबुल्लाह ग्रुप अब खुलकर जंग के मैदान में आ गया है. यह ग्रुप अब इजरायल और अमेरिका से बदला लेगा.

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दरअसल, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बाद लेबनान का हिजबुल्लाह ग्रुप अब खुलकर जंग के मैदान में आ गया है. यह ग्रुप अब इजरायल और अमेरिका से बदला लेगा.

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वहीं, अब सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर अभी तक हिजबुल्लाह ग्रुप चुप्पी क्यों साधे था. आखिर क्यों अभी तक उसने ईरान का साथ नहीं दिया. वह भी तब जब ईरान कमजोर पड़ता जा रहा है. आपको बता दें कि ईरान के कारण ही हिजबुल्लाह है. लेकिन अभी तक सो रहा हिजबुल्लाह ग्रुप जाग चुका है और अब ईरान की ओर से इजरायल पर बम बरसाना शुरू कर दिया गया है.

हिजबुल्लाह की एंट्री, इजरायल ने किया कन्फर्म

इजरायल की सेना यानी आईडीएफ ने बताया कि लेबनान से आज सुबह-सुबह इजरायल के हाइफा शहर पर छह रॉकेट दागे गए. यह हमला ऐसे समय में हुआ जब इजरायल और अमेरिका ईरान पर बड़े हवाई हमले कर रहे हैं. जिसमें तेहरान समेत कई शहरों में निशाने साधे जा रहे हैं. इ

वहीं, इजरायल ने कहा है कि उसने हिजबुल्लाह के रॉकेट को इंटरसेप्ट कर लिया है. हालांकि यह बात साफ हो गई है कि इजरायल को अब लेबनान से आने वाली मिसाइल और रॉकेट से भी सावधान रहना होगा.

अब और बढ़ेगा युद्ध

ईरान-इजरायल युद्ध में हिजबुल्लाह का शामिल होना इस जंग को और बड़ा बना रहा है. यह ग्रुप ईरान का सबसे बड़ा सहयोगी भी माना जाता है. इसे खामेनेई ने हथियार, पैसा और ट्रेनिंग देकर मजबूत बनाया था. 1980 के दशक से हिजबुल्लाह ईरान की एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस का हिस्सा रहा है.